लंबे इंतजार के बाद शनिवार को राजाजी टाइगर रिजर्व को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। शनिवार सुबह चीला रेंज में वन्यजीव प्रतिपालक चित्रांजलि नेगी ने विधिवत रूप से जंगल सफारी सीजन की शुरुआत की। रिजर्व की चीला, मोतीचूर, रानीपुर और डोबरापानी रेंज में सफारी शुरू होने से देशी और विदेशी पर्यटकों में खास उत्साह देखने को मिला।
वन्यजीव प्रतिपालक चित्रांजलि नेगी ने बताया कि राजाजी राष्ट्रीय पार्क अपनी विशाल हाथी आबादी के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। इसके अलावा कई रेंजों में बाघ व तेंदुए सहित अन्य वन्यजीवों के भी दीदार होते हैं। उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि जंगल में शांति बनाए रखें, जानवरों को परेशान न करें, कचरा न फैलाएं और प्रकृति की गोद में सुरक्षित व जिम्मेदार तरीके से सफारी का आनंद लें।
वन क्षेत्राधिकारी बीडी तिवारी ने जानकारी दी कि राजाजी टाइगर रिजर्व जैव-विविधता का खजाना है। पार्क में 300 से अधिक हाथी और करीब 50 बाघ विचरण करते हैं। घने जंगल, हरियाली और शांत वातावरण यहां के मुख्य आकर्षण हैं जिन्हें देखने के लिए हर साल हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। पहले ही दिन बड़ी संख्या में देशी-विदेशी सैलानियों ने जंगल सफारी का लुत्फ उठाया। पर्यटकों ने कहा कि वे खासतौर पर हाथियों और बाघों को करीब से देखने यहां आए हैं। उनका कहना था कि कॉर्बेट नेशनल पार्क के बाद राजाजी देश का दूसरा प्रमुख टाइगर रिजर्व है जहां बेहतरीन प्राकृतिक सौंदर्य, शांत माहौल और रोमांचक जंगल अनुभव मिलता है।