हरिद्वार। सिडकुल पुलिस ने दोपहिया वाहन चोर गिरोह का भंड़ाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की 14 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। चारों के खिलाफ चोरी की कई रिपोर्टें दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
बुधवार को एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने सिडकुल थाना परिसर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि बढ़ती वाहन चोरी पर अंकुश लगाने और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में थानाध्यक्ष नितेश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मंगलवार रात चेकिंग के दौरान दवा चौक के पास आरोपी सौरभ निवासी बहादराबाद, संजय निवासी सलेमपुर रानीपुर को हरिद्वार ग्रीन सोसाइटी से चोरी हुई बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनके साथी सुनील कुमार निवासी ग्राम रामपुर कोतवाली देहात जिला बिजनौर, अक्षय निवासी टांडा भागमल थाना लक्सर पेंटागन मॉल के पीछे कूड़े के ढेर के पास अन्य चोरी के वाहनों की निगरानी कर रहे हैं। वह बाइकों का सौदा करने के लिए निकलने वाले हैं। इसके बाद एसएसआई देवेंद्र तोमर ने टीम के साथ मौके पर दबिश दी और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से चोरी की 13 बाइकें बरामद हुईं।
एसएसपी ने बताया कि बरामद वाहनों में आठ सिडकुल क्षेत्र से चोरी किए गए थे। अन्य छह वाहनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। बताया कि आरोपी अक्षय हिस्ट्रशीटर है और उस पर करीब 19 चोरी सहित अन्य मामलों में प्राथमिकी दर्ज हैं। आरोपी सौरभ के खिलाफ 15 और संजय पर नौ एवं सुनील कुमार पर आठ मामले दर्ज हैं। एसओ नितेश शर्मा ने बताया कि सभी आरोपियों को बुधवार की दोपहर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
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हाल ही में जेल से छूटा था हिस्ट्रीशीटर अक्षय
एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर अक्षय आदतन अपराधी है। चोरी के मामले में कुछ समय पहले ही वह जेल से जमानत पर बाहर आया था। इसके बाद फिर से अपने दोस्तों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा। सिडकुल व आसपास के इलाकों से वाहन चोरी करने के बाद आरोपी पेंटागन मॉल के पीछे कूड़े के ढेर के पास छिपा देते थे। इसके बाद ग्राहक मिलने पर उन्हें बेच देते थे।
फैक्टरियों के बाहर कॉलोनियों को बनाते थे निशाना
एसओ नितेश शर्मा ने बताया कि चारों आरोपी मिलकर पहले घूमकर वाहनों को देखते थे। इसके बाद उन्हें चोरी कर लेते थे। फैक्टरियों के बाहर और कॉलोनियों में सुनसान जगहों का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देते थे। कुछ ही समय के अंदर आरोपियों ने क्षेत्र से आठ मोटरसाइकिलें चोरी की थी।