लालढांग। आतंक का पर्याय बन रहे गुलदार को उस समय पकड़ लिया गया, जब वह कुत्ते का शिकार करने के लिए कमरे में घुसा था। उसे ग्रामीणों ने कमरे में ही बंद कर वन विभाग को सूचित किया। रेस्क्यू किए गए गुलदार का मेडिकल किया जा रहा है।
पीली पड़ाव गांव में लगभग एक महीने से गुलदार से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ था। गुलदार की ओर से वनकर्मी पर भी हमला बोलो गया था। कई कुत्तों को गुलदार अपना निवाला बना चुका था।
रविवार की सुबह दीपक के घर से गुलदार ने कुत्ते शिकार किया था, लेकिन लोगों के शोर मचाने पर भाग खड़ा हुआ था। शाम को फिर गुलदार उसी घर में दूसरे कुत्ते को उठाकर पास के कमरे में ले गया। कमरे में दरवाजा न होने पर ग्रामीणों ने प्लाई लगा कर उसे बंद कर दिया। ग्राम प्रधान शशि झंडवाल ने बताया कि गुलदार के पकड़े जाने से ग्रामीणों और वन विभाग ने राहत की सांस मिली है। हरिद्वार उप वन प्रभागीय अधिकारी संदीपा शर्मा ने बताया कि गुलदार को रेस्क्यू कर लिया गया है। जिससे लोगों को अब डरने की कोई जरूरत नहीं है।