हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानू प्रताप सिंह ने कहा कि गांव को स्मार्ट विलेज बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल की रक्षा के लिए फोर्स का गठन किया जाना चाहिए। इस दौरान किसानों की समस्या को लेकर उन्होंने आठ सूत्री मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा।
यहां रोड़ी बेलवाला में गंगातट पर चल रहे किसान सम्मेलन के दूसरे दिन कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई। किसानों ने एकजुट होकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही। राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानू प्रताप सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने आज तक किसानों के लिए कुछ नहीं किया है। केंद्र सरकार के मंत्रियों को जंगली जानवरों की चिंता है लेकिन किसानों की फसल की नहीं। बिहार में फसल की रक्षा के लिए लगाए गए तार से नील गाय के मरने पर हुए विवाद में उन्होंने कहा कि इस बात का उनको कोई दुख नहीं है कि कोई जानवर मरा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने यमुना मुक्तिकरण व प्रदूषण मुक्ति के लिए यमुना के समानांतर पक्के चैनल दिल्ली से मथुरा तक बनाने का आश्वासन किसानों को दिया गया था लेकिन, आज तक यह पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार को आवश्यक सेवा के लिए मात्र पांच प्रतिशत भूमि अधिग्रहण का प्राविधान रखना चाहिए। राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र प्रसाद शास्त्री ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद से सरकार की गलत नीतियों के कारण ही देश के किसान कर्जदार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की 23 मार्च की घोषणा के अनुसार 60 वर्ष पूरे कर चुके सभी श्रेणी के किसानों को पांच हजार रुपये का जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाए। इस मौके पर प्रवक्ता स्वराज सिंह, सलाहकार राधाकांत शास्त्री, महासचिव प्रदीप कुमार, दुष्यंत सिंह, रामपाल सिंह, राकेश लोहान, बलजौर सिंह, चौ. रामकुमार, संजीव कुमार, शिवकुमार, रामरतन सहित विभिन्न प्रदेशों के किसान उपस्थित थे।