मासूम बेटे के कत्ल की आरोपी महिला ने पुलिस को गच्चा देने की कोशिश जरूर की, लेकिन नाकामयाब रही। चंद सवालों में ही असलियत उसकी जुबां पर आ गई। कनखल पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो संदेह चंद मिनट में ही हकीकत में बदल गया।
आरोपी महिला ने सिलसिलेवार ढंग से कत्ल की दास्तां बयां कर दी। दरअसल, संडे की शाम जब मासूम के घर से रहस्यमय ढंग से गायब होने की खबर कनखल पुलिस को मिली, तब एसओ हरिओमराज चौहान खुद महिला के घर पहुंचे। उन्होंने जब संगीता से बातचीत की तो वह बिल्कुल सामान्य दिखाई दी। उसके चेहरे पर बेटे के लापता हो जाने जैसा कोई दुख नजर ही नहीं आ रहा था। यह बात एसओ को अटपटी लगी, फिर पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई।
दीपक बलूनी के घर से लेकर मुख्य सड़क तक के सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए। मासूम के लापता होने से ठीक पौने घंटे पहले के एक सीसीटीवी फुटेज ने पुलिस की राह बिल्कुल आसान कर दी। इसमें बच्चे की मां ही काले रंग का बैग कंधे पर टांगकर तेजी में जाते हुए और फिर चंद मिनट बाद ही आते हुए दिखाई दे रही है। जबकि उसने बताया था कि, जब वह डेयरी पर दूध लेने गई, तब बेटा गायब हुआ। एसओ ने उच्चाधिकारियों को विश्वास में लेकर मां को हिरासत में ले क्रास सवाल किए तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
राहगीर की सूचना भी रही मददगार
हरिद्वार। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पहले ही एक राहगीर से मिला क्लू खुलासे में मददगार साबित हुआ। दरअसल, मासूम के गायब होने की खबर मिलने से पहले ही एसओ हरिओमराज चौहान को एक राहगीर ने श्रीयंत्र मंदिर के ठीक सामने एक मासूम का शव रेलिंग में फंसा होने की सूचना दी थी। उसने बाकायदा फोटोग्राफ भी भेजे थे। एसओ ने जब वह फोटो महिला को दिखाए तो उसने अपने बेटे जैसे कपड़े बताए थे।
बेटी आराध्या की जुबां पर भी आया था मां का नाम
हरिद्वार। मासूम के घर से गायब होने के बाद जब पुलिस घर पहुंची थी तब संगीता की बेटी आराध्या ने भी मां का नाम लेकर एक पुलिसकर्मी को चौंका दिया। दरअसल, आरोपी संगीता जब बेटे को लेकर गई थी उससे पहले उसने बेटी को छत पर छोड़ दिया था। लेकिन आराध्या ने मां को भाई को बैग में ठूंसते देख लिया था। कनखल थाने के एक पुलिसकर्मी की माने तो जब वह वहां पहुंचे थे तब बेटी ने तुतलाती जुबां में मां का नाम लिया था।
पांच वर्ष पूर्व हुई थी शादी
हरिद्वार। हीरो मोटो कोर्प में कार्यरत मूल रूप से जयहरीखाल (पौड़ी) के रहने वाले दीपक बलूनी की शादी पांच साल पहले गुमानीवाला, ऋषिकेश की रहने वाली संगीता से हुई थी। संडे की देर शाम खुलासे से पूर्व पुलिस ने पति को भरोसे में ले लिया था। इसके बाद उसका पत्नी से आमना सामना कराया था। बेटे की हत्या की आरोपी संगीता कम बोलती है। पुलिस ने जब उसकी मानसिक मनोदशा को लेकर पड़ताल की तब यह बात सामने आई। पुलिस की माने तो बेटे के कत्ल का खुलासा कर देने के बाद वह कुछ नहीं बोली। बस गुमसुम हो गई।
सर्वप्रिय विहार के बाशिंदे सन्न
हरिद्वार। मां के ही बेटे को मार डालने की घटना से सर्वप्रिय विहार के बाशिंदे सन्न हैं। सोमवार को घर के आस पास के लोग रह रह कर मां कोकोसते रहे। कुछ लोग यही बोलते दिखे कि मारने से अच्छा बच्चा उन्हें ही सौंप देती। किसी ऐसे दंपति को दे देती, जो बेऔलाद हैं।
बेटे को छोड़ देने की भी बनाई थी प्लानिंग
हरिद्वार। करीब एक माह पूर्व आरोपी संगीता ने सार्वजनिक स्थान पर बेटे को छोड़ देने की भी प्लानिंग की थी, लेकिन बाद में कदम पीछे खींच लिए। पुलिसिया पूछताछ में उसने बताया कि इसके लिए उसे बेटे को लेकर घर से जाना पड़ता। वक्त भी अधिक लगता। फिर वह कहानी क्या बनाती। इसलिए उसने यह कदम नहीं उठाया। गंगा के नजदीक होने के चलते नदी में डुबाकर मारने की प्लानिंग की। उसने सोचा था कि इस काम में उसे चंद मिनट लगेंगे और वह बेटे के घर से गायब होने की कहानी बना देगी।