हरिद्वार। मनसा देवी मंदिर के सीढ़ी वाले मार्ग पर भगदड़ में गंभीर रूप से घायल महिला श्रद्धालु की एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान मौत हो गई। तीन दिन से महिला की हालत गंभीर बनी हुई थी और उपचार चल रहा था। बुधवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। नगर कोतवाली से पुलिस ने एम्स पहुंचकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इसके बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।पुलिस के अनुसार, 27 जुलाई की सुबह करीब नौ बजे मनसा देवी मंदिर जाने वाले सीढ़ी मार्ग पर करंट लगने की अफवाह के बाद भगदड़ मच गई थी। हादसे में दस साल के एक बच्चे सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। 30 श्रद्धालु घायल हो गए थे, जिनमें छह को गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया था। दो की हालत नाजुक बनी हुई थी। उपचार चल रहा था। बुधवार को उपचार के दौरान फूलमति (52) पत्नी जनेकु निवासी फरमू जिला बाराबंकी उत्तर प्रदेश ने एम्स में दम तोड़ दिया।
महिला श्रद्धालु की मौत की सूचना मिलने पर शहर कोतवाली से पुलिस एम्स रवाना हो गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को मोर्चरी में भिजवाया। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या नौ हो गई है।