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रुड़की: 700 किसानों ने नहीं चुकाया 6 करोड़ का कर्ज, समिति का खजाना खाली, नए ऋण पर लगाई गई रोक

Sat, 03 Oct 2026 04:08 PM IST
Renu Saklani अजब सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, पथरी (रुड़की)

सार

पथरी क्षेत्र की बादशाहपुर किसान सेवा सहकारी समिति लंबे समय से ऋण वसूली के संकट से जूझ रही है। बकाया बढ़ने से समिति की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है और अब किसानों को नए ऋण देने में भी परेशानी खड़ी हो गई है।
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money - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बादशाहपुर किसान सेवा सहकारी समिति पर किसानों की ओर से ऋण की अदायगी नहीं किए जाने का असर पड़ रहा है। समिति के करीब 700 किसानों पर कुल छह करोड़ रुपये का ऋण बकाया है। इसमें करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये मूलधन और ढाई करोड़ रुपये ब्याज की राशि शामिल है। लंबे समय से ऋण की वसूली नहीं होने के कारण समिति की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

पिछले करीब दस वर्षों से अधिकांश किसान समिति से लिए गए ऋण की अदायगी नहीं कर रहे हैं। इससे समिति के पास किसानों को दोबारा ऋण देने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध नहीं है। वहीं, आर्थिक संकट के चलते समिति के कर्मचारियों को भी समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है।

धारीवाला गांव निवासी किसान कृपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने समिति से लिए गए ऋण की पूरी राशि जमा कर दी है। वर्तमान में उन्हें दोबारा ऋण की आवश्यकता है लेकिन समिति की ओर से ऋण नहीं दिया जा रहा है। इसके लिए वह कई बार समिति के चक्कर लगा चुके हैं।

सहकारी समिति के सचिव अजय पाल सिंह ने बताया कि ऋण की वसूली के लिए समय-समय पर नोटिस भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि सहकारी बैंक से समिति की स्वीकृत ऋण सीमा पूरी हो चुकी है। इसी वजह से फिलहाल समिति किसानों को नया ऋण उपलब्ध नहीं करा पा रही है। संवाद

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ब्याज माफ करने के लिए भेजा ज्ञापन

बादशाहपुर किसान सेवा सहकारी समिति की सभापति ज्योति चौहान ने पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर हरिद्वार जिले की सहकारी समितियों में ब्याज माफ करने व ओटीएस योजना लागू करने की मांग की है। ज्ञापन में अवगत कराया है कि समिति में कृषक ऋण के रूप में एक बड़ी धनराशि बकाया हो गई है।

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धीरे-धीरे इसका एनपीए बढ़ता जा रहा है। अधिकतर ऋणी कृषकों की मृत्यु हो चुकी है। इससे सहकारी समिति को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। एनपीए के लगातार बढ़ने से सहकारी समिति के संचालन में भी समस्या उत्पन्न हो रही है। सहकारी समिति की सहकारी बैंक से स्वीकृत ऋण सीमा चोक हो गई है। इस वजह से सहकारी समिति नए कृषकों को ऋण नहीं दे पा रही है। ज्ञापन में जनहित में सहकारी समितियों में ब्याज माफ करने व ओटीएस योजना लागू करने की मांग की है। संवाद

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