खानपुर क्षेत्र के ग्राम लाल चंदवाला में गलत इंजेक्शन लगाने से बच्चे की मौत हो जाने के मामले ने देहात में झोलाछाप चिकित्सकों के फैले जाल की तस्वीर एक बार फिर साफ कर दी है। शहर की कुछ कालोनियों के साथ ही देहात में बड़ी संख्या में झोलाछाप चिकत्सक अभी भी इलाज के नाम पर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
लालचंदवाला मामले में जिलाधिकारी ने जांच के आदेश तो दिए लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है। शनिवार को खानपुर क्षेत्र के लालचंदवाला गांव में एक बच्चे की डायरिया से मौत होने के बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि गांव के ही एक युवक ने इलाज के नाम पर बच्चे को गलत इंजेक्शन लगा दिया था।
जिस कारण उसकी तबियत और ज्यादा बिगड़ गई जब वे उसे अस्पताल ले गए तब तक उसकी मौत हो गई थी। यह स्थिति केवल खानपुर अथवा लक्सर क्षेत्र की ही नहीं है बल्कि देहात में इस तरह के झोलाछाप चिकित्सकों का जाल बिछा हुआ है।
मंगलौर, नारसन, झबरेड़ा, भगवानपुर के साथ ही घाड़ क्षेत्र में गांव-गांव में लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे चिकित्सकों की भारी भीड़ है। ऐसे कई चिकित्सकों के पास न तो कोई विधिवत डिग्री है और न ही अनुभव। कई ऐसे लोग भी क्लीनिक चला रहे हैं।
जिन्होंने सिर्फ कुछ दिनों तक किसी चिकित्सक के पास एक सहायक के रूप में काम किया और चिकित्सक बन बैठे। भगवानपुर में तो एक ऐसा युवक चिकित्सालय संचालित कर रहा है जो महज हाईस्कूल तक पढ़ा हुआ है।