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मेला क्षेत्र में एनजीटी के आदेश बेअसर

Sun, 17 Jan 2016 12:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार। एनजीटी की ओर से गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लगातार आदेश दिए जा रहे हैं। एक फरवरी से हरिद्वार को पॉलीथिन और प्लास्टिक मुक्त बनाने के भी आदेश दिए गए हैं। लेकिन मेला क्षेत्र में इन आदेशों का पालन करवाना बड़ी चुनौती बना हुआ है। दो दिन तक चले अर्द्धकुंभ के पहले स्नान के दौरान गंगातट पर खुलेआम प्लास्टिक और पॉलीथिन बिकती रही। लेकिन प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। केवल चेतावनी वाले पोस्टर और बैनर लगाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली गई।
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 गंगा को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई चल रही है। एनजीटी के कोर्ट कमिश्नर शारिक जैदी कई बार हरिद्वार आकर एनजीटी की ओर से जारी आदेशों को बता चुके हैं। अब एनजीटी की ओर से गंगातटों को प्लास्टिक और पॉलीथिन मुक्त बनाने का आदेश किया गया है। अर्द्धकुंभ के स्नान से पहले जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों, व्यापार मंडल और अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर पॉलीथिन और डिस्पोजेबल प्लास्टिक को पहले चरण में समाप्त करने की बात कही थी। प्रशासन का दावा है कि एक फरवरी के बाद इस संबंध में सख्ती भी की जाएगी, लेकिन अभी तक मेला क्षेत्र में पॉलीथिन व प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने की दिशा में कोई असर दिखा हो ऐसा नहीं लगता। अर्द्धकुंभ के पहले स्नान के दोनों दिन हरकी पैड़ी से लेकर आसपास के सभी घाटों पर प्लास्टिक की केन, पॉलीथिन और प्लास्टिक से बना अन्य सामान खुलेआम बिकता रहा।

खुलेआम चले लंगर
अर्द्धकुंभ के स्नान के दौरान और इसके बाद भी हरकी पैड़ी क्षेत्र में भिखारियों की भरमार है। घाटों पर खुले में खाना बांटने का क्रम भी थम नहीं रहा है। ऐसे में एक फरवरी से एनजीटी के आदेशों का पालन कराना बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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इनका कहना है
प्रशासन अर्द्धकुंभ के दौरान गंगा को पवित्र और निर्मल बनाने के लिए कृत संकल्प है। श्रद्धालुओं को गंगा प्रदूषित नहीं करने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। एनजीटी के आदेशों का पालन कराने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। इस दिशा में व्यापारियों के साथ बैठक भी की गई है।
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-हरबंस सिंह चुघ, जिलाधिकारी
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