फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला और मेला अस्पताल का होगा मर्ज

Mon, 25 Jul 2016 11:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
विज्ञापन
हा‌िस्‍पस्पिटल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हरिद्वार। शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है। जिला और मेला अस्पताल को एक साथ मर्ज होगा। मेला अस्पताल के परिसर में इमरजेंसी, सर्जरी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी सहित अन्य बड़ी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इसी के साथ बाल रोग, सर्जन, हड्डी रोग विभाग भी मेला अस्पताल में होगी। जिला अस्पताल में केवल साधारण ओपीडी होगी। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजने की कवायद शुरू कर दी है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में इमरजेंसी सहित, सर्जरी, प्लास्टर, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे सहित 70 बेड का अस्पताल जैसे-तैसे चलाया जाया जा रहा है। इमरजेंसी में कम से कम 6 बेड होने चाहिए, जबकि कुल दो बेड से काम चलाया जा रहा था। वहीं मेला अस्पताल परिसर का उपयोग नहीं हो रहा था।  जबकि मेला अस्पताल में 100 बेड, आईसीयू, इमरजेंसी है।  जिला और मेला अस्पताल परिसर को पिछले साल अलग-अलग कर दिया था। इससे आपसी सामंजस्य नहीं हो पा रहा था।
अब सीएम के निर्देश पर मेला और जिला अस्पताल को एक साथ मर्ज करने का प्रस्ताव रखा गया। इसमें जिला अस्पताल से बड़ी सुविधाओं को मेला परिसर में चालू किया जाएगा। जिसमें जिला अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर, सर्जरी वार्ड, मेडिसिन, पैथोलॉजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, हृदय संबंधी जांचे, हड्डी रोग विभाग, बाल रोग विभाग को मेला अस्पताल में शिफ्ट किया जाएगा। सबसे बड़ी बात इमरजेंसी को मेला अस्पताल में चलाया जाएगा। वहां पर 6 बेड की इमरजेंसी को चालू कराया जाएगा। मेला अस्पताल में पहले से ही मौजूद एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड के साथ-साथ जिला की सुविधाओं को डबल किया जाएगा। सीएमओ डा. बीएस जंगपांगी ने बताया कि मेला परिसर में समस्त सुविधाएं एक जगह पर होगी। मेला अस्पताल को कैंपस नंबर एक का नाम दिया जाएगा।
विज्ञापन

------------
जिला अस्पताल में साधारण ओपीडी
जिला अस्पताल में केवल साधारण ओपीडी होगी। जिसमें स्कीन, डेंटल, ईएनटी, आंखें आदि की जांच होगी। इसके अलावा इमरजेंसी और 70 बेड का उपयोग होता रहेगा। जिला अस्पताल को कैंपस नंबर दो नाम दिया जाएगा।
--------------
सीएम की पारखी नजर पर प्रस्ताव
23 जून को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। सीएम ने 15 दिन पहले हरिद्वार मुख्यालय को निर्देश जारी करते हुए मेला अस्पताल का उपयोग करने और दोनों अस्पतालों को मर्ज करने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें