हरिद्वार। रेलवे के लिए प्लास्टिक के पार्ट्स बनाने वाली सिडकुल की पारसनाथ इंटरप्राइजेज फैक्ट्री रविवार को स्वाह हो गई। इस भीषण अग्रिकांड पर काबू पाने में दमकल के छह वाहनों को पांच घंटे लग गए। प्रारंभिक तौर पर शार्ट सर्किट के चलते आग लगने की आशंका जताई जा रही है। गनीमत रही कि अग्रिकांड में कोई हताहत नहीं हुआ। दमकल महकमे ने घटना की जांच शुरू कर दी है। रविवार सुबह करीब 11 बजे हुई इस घटना के समय फैक्ट्री में कर्मचारी नहीं थे, लेकिन फैक्ट्री के मरम्मत कार्य में करीब बीस से पच्चीस मजदूर जुटे थे। इसी बीच फैक्ट्री कैंपस से धुआं उठते देख मजदूरों का माथा ठनका। देखते ही देखते फैक्ट्री में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
फैक्ट्री में मरम्मत कार्य कर रहे मजदूरों ने कैंपस से भागकर खुद को बचाया। सूचना मिलने पर एफएसओ सिडकुल चंद्रप्रकाश शर्मा, एफएसओ मायापुर दानीराम तुरंत छह दमकल वाहन लेकर फैक्ट्री पहुंचे।
इस बीच फैक्ट्री कैंपस के निचले एवं प्रथम तल को आग ने पूरी तरह से चपेट में ले लिया था। दमकलकर्मियों ने डेढ़ घंटे में आग को काफी हद तक आगे बढ़ने से रोका, लेकिन पूरी तरह से काबू पाने में पांच घंटे लग गए।
सिडकुल के एफएसओ चंद्रप्रकाश ने बताया कि फैक्ट्री में कच्चा माल बिलकुल जल गया है। कई मशीनें भी आग की चपेट में आई हैं। फैक्ट्री प्रबंधन ने उनको बताया कि उन्हें इस अग्रिकांड में लाखों का नुकसान हो गया है। अग्रिकांड की वजह जांच में ही सामने आ सकती है। प्रारंभिक तौर पर शार्ट सर्किट के चलते आग लगने की आशंका जताई जा रही है। फैक्ट्री में रेलवे के लिए प्लास्टिक पार्ट्स एवं एलपीजी सिलेंडरों के ढक्कन बनाए जाते हैं।
नहीं था कैंपस में हाईड्रेंट
हरिद्वार। फैक्ट्री कैंपस में हाईड्रेंट तक नहीं था। पानी लेने के लिए दमकल महकमे को आईटीसी कंपनी की दौड़ लगानी पड़ी। वहीं से ही पानी भर-भर कर लाया जाता रहा। कंपनी में लगे अग्रिशमन उपकरणों की हालत भी सही नहीं बताई गई। एफएसओ चंद्रप्रकाश शर्मा ने बताया कि हाईड्रेंट न होने से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। अग्रिश्मन उपकरण का इस्तेमाल भी मजदूर नहीं कर पाए।