फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धनौरी में आज भी ‘धन्नो’ का ही सहारा

विज्ञापन
धनौरी में घोड़ा-तांगा से जाते ग्रामीण । - फोटो : HARIDWAR
विज्ञापन
जिले के घाड़ क्षेत्र में 21वीं सदी में भी लोग मोटर गाड़ी से दूर घोड़ा तांगा से सफर करने को मजबूर हैं। मुख्य मार्गों तक भी केवल मेटाडोर और टेंपो की ही पहुंच है। रोडवेज बस सेवा तो यहां से कोसो दूर है। ऐसे में सभी सुख सुविधाएं होने के बावजूद यहां के लोग खुद को काफी पिछड़ा हुआ महसूस करते हैं।
विज्ञापन

हरिद्वार जिले में एक ओर जहां धर्मनगरी है तो दूसरी ओर शिक्षानगरी रुड़की है। जिले का नाम आते ही जेहन में खुशहाल शहर की तस्वीर उभरकर आती है। मगर धनौरी क्षेत्र के दर्जनों गांव आज भी बदहाल जिंदगी जी रहे हैं। इन गांवों की सबसे बड़ी समस्या यातायात व्यवस्था नहीं होने की है। इन गांवों के संपर्क मार्गों को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग तक भी सरकारी वाहन सेवा नहीं है। यहां तक बस मेटाडोर या टेंपो चलते हैं। इसके बाद लोगों के लिए एकमात्र सहारा घोड़ा तांगा बचता है। यहां के लोगों को हरिद्वार, रुड़की या रोशनाबाद पहुंचने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। पहले घोड़ा तांगा फिर मेटाडोर या टेंपो के पीछे भागना पड़ता है।
क्षेत्र के ग्रामीण ब्रिजेश, मांगेराम, सुलेख चंद, पंकज का कहना है पूरा धनौरी और कलियर क्षेत्र सिर्फ मेटाडोर के भरोसे है। मेटाडोर चालक भी क्षमता से अधिक सवारी लेकर चलते हैं। ऐसे में दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। यहां के लोग लंबे अरसे से रोडवेज बसों के संचालन की मांग करते आ रहे हैं। चुनाव नजदीक आता है तो राजनीतिक दल यातायात व्यवस्था बेहतर करने के बड़े बड़े दावे करते हैं। एक बार चुनाव जीतने के बाद कोई पलटकर भी नहीं देखता है। ऐसे में लोगों को लगता है कि भले ही वर्ष 2020 चल रहा है, लेकिन रेतीली सड़क पर दौड़ते घोड़ा तांगा की आवाज से ऐसा लगता है कि दशकों पहले की जिंदगी जी रहे हैं।
विज्ञापन

--
यातायात सुविधा से ये गांव महरूम
धनौरी, बहादरपुर सैनी, दौलतपुर, धनौरा, मुलदासपुर, तेलीवाला, कुतुबपुर, पुरणपुर, मीरपुर, गढ़, राजपुर, भगवानपुर, नागल, मोहम्मदपुर पांडा, बड़ी लाम, छोटी लाम, लालवाला, ननंद आन्नेकी, औरंगाबाद, आन्नेकी खुर्द, औरंगाबाद, जसवावाला, अजमेरीपुर, हजारा ग्रंट, इंद्रगढ़, खाला टिहरा, टिहरा टोंगिया, डालूवाला खुर्द, डालूवाला मजबता, डालूवाला कलां, रिठौरा ग्रंट, कोटा खेड़ा, आसफनगर, माच्छरहेड़ी, मुकरपुर, रहमतपुर, बेडपुर, कलियर, मेहवड़ कलां, बाजुहेड़ी, माजरी, गुम्मावाला, सोहलपुर।
--
शासन को हरिद्वार से रुड़की वाया धनौरी रोडवेज बसों के संचालन के लिए प्रस्ताव भेजा हुआ है। पिरान कलियर में रोडवेज बस अड्डे की मांग उठाई जा रही है। इस रूट पर बसों का संचालन होने से कलियर जियारत करने के लिए आने वाले जायरीनों को भी लाभ मिलेगा।
विज्ञापन

-फुरकान अहमद, विधायक पिरान कलियर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें