अस्पताल में मर्ज दिखाने के लिए पहुंचने वाले मरीजों की ओपीडी से पहले प्राथमिक जांच भी होगी। जांच रिपोर्ट पर्चे में दर्ज कराने के बाद ही मरीज ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) में बैठे विशेषज्ञ डाक्टर के पास जाएगा। ये प्लान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजना के तहत एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) जारी किया गया। जांच में शुगर, ब्लडप्रेशर, वजन, दांत, काउंसिलिंग होगी। प्लान के तहत पूरे प्रदेश में मेला अस्पताल को चुना गया है। इसके लिए तकनीकी स्टाफ की भर्ती हो चुकी है। योजना के तहत सेवा 15 मार्च से शुरू हो जाएगी।
अभी तक अस्पताल के काउंटर पर पर्चा बनाने के बाद मरीज सीधे ओपीडी में डाक्टर के पास जाते हैं। डाक्टर ही मरीज का ब्लड प्रेशर, वजन करते थे। शुगर आदि की जांच कराने को पैथोलॉजी लैब में भेजते थे। इससे डाक्टर और मरीज दोनों का समय लगता था। डाक्टर भी ओपीडी में मरीजों से घिरे रहते थे और कम मरीज ही देख पाते थे। अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गैर संचारी रोग (एनसीडी) प्लान तैयार किया गया है। प्लान के तहत प्रथम चरण में मेला अस्पताल को चुना गया है। अस्पताल में शुगर, ब्लड प्रेशर, वजन नापने, काउंसिलिंग करने के लिए अलग-अलग केबिन बनाने शुरू कर दिए है। गंभीर रोगियों की काउंसिलिंग के साथ दुर्व्यसन जिसमें नशा, तंबाकू के दुष्परिणामों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।
एनसीडी के तहत बनेगा वृद्घ वार्ड
एनसीडी प्लान के तहत मेला अस्पताल में 10 बेड का वार्ड बनाया जाएगा। जिसमें पांच बेड महिला और पांच पुरुषों के लिए आरक्षित रहेंगे। इन वार्डों को बनाने का उद्देश्य इलाज के साथ उनकी सेवा भाव होगा। इन वार्डों में वृद्घ मरीजों के अलावा अन्य किसी को भर्ती नहीं किया जाएगा। इनका स्टाफ भी अलग से होगा।
यह स्टाफ रहेगा मौजूद
अस्पताल में बनाए गए एनसीडी केबिनों में दो स्टाफ नर्स, एक काउंसलर, दंत विशेषज्ञ, दो अटेंडेंट मौजूद रहेंगे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गैर संचारी रोगों की जांच के लिए मेला अस्पताल को चुना गया है। जांच के लिए स्टाफ की भर्ती हो चुकी है। 15 मार्च से सुविधा शुरू कर दी जाएगी। इससे मरीज की ओपीडी के पहले ही आवश्यक जांच की जाएगी, ताकि डाक्टर के साथ मरीज को भी सुविधा रहे। - डा. बीएस जंगपांगी, सीएमओ, हरिद्वार।