पहले ही दिन पंचक से शुरू हो रहा श्रावण मास कुछ खास है। कांवड़ यात्रा के दौरान ही देव गुरु बृहस्पति और दैत्य गुरु शुक्र दोनों अस्त हो जाएंगे। सुखद यह है कि इन्हीं दिनों मंगल और बुध का उदय होगा। श्रावण के महीने में अनेक ग्रहीय परिवर्तन धरती पर भी प्रभाव डालेंगे।
इस बार श्रावण मास के पहले दिन एक अगस्त को पंचक लगेगा। ज्योतिषाचार्य प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार पांच अगस्त को दैत्य गुरु शुक्र अस्त हो जाएंगे। 12 अगस्त को देव गुरु बृहस्पति अस्त होंगे। आमतौर पर शुक्र और बृहस्पति एक साथ अस्त नहीं होते। तंत्र शास्त्र में इस योग को बहुत शक्तिशाली योग माना गया है। इस योग में गंगा जैसी पवित्र नदियों का स्नान कईं प्रकार के ताप से मुक्ति दिला देता है।
डा. प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार दो अगस्त को शनि मार्गी हो रहे हैं। यह शुभ लक्षण हैं। कईं बुरी बातों पर शनि के मार्गी होने से लगाम लग जाती है। ज्योतिष की दृष्टि से यह शुभ माना गया है कि बुध और मंगल क्रमश: पांच और 12 अगस्त को उदित हो रहे हैं। शुक्रोदय 20 अगस्त को हो जाएगा। श्रावण का यह मेला धनु , मीन, वृष और तुला राशि वालों के लिए शुभ रहेगा।