हरिद्वार। कुछ दिनों पूर्व केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से हरिद्वार में गंगा में खनन खोले जाने की अनुमति दी गई। मातृसदन की ओर से अनुमति का विरोध किया गया था, सोमवार को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की टीम ने मातृसदन के संतों के साथ श्यामपुर क्षेत्र का दौरा किया। टीम की ओर से रिपोर्ट केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को सौंपी जाएगी।
टीम ने सोमवार को श्यामपुर, कोटावाली, रवासन, चिड़ियापुर आदि क्षेत्रों का दौरा किया। मातृसदन के ब्रह्मचारी दयानंद ने बताया कि टीम को मातृसदन की ओर से अवगत कराया गया कि जब बोल्डर ऊपर से आता नहीं तो गंगा में खनन का मतलब ही नहीं होता। इसलिए गंगा किसी भी प्रकार के खनन की अनुमति देना गलत होगा। इलाकों में किए गए अवैध खनन के गड्ढों और टूटे तटबंधों को भी दिखाया गया। गंगा में वैध अवैध खनन से भविष्य होने वाले नुकसान से भी अवगत कराया गया। टीम की ओर से पूरा ब्यौरा एकत्रित किया गया है। रिपोर्ट वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को सौंपी जाएगी। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। इस अवसर स्वामी शिवानंद सहित वन विकास निगम के अधिकारी सहित कई अधिकारी मौजूद थे।