बिशनपुर गांव में हाथियों द्वारा रौंदी गई फसल ।
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राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के पांच नर हाथियों ने कई गांवों में किसानों की फसलों को बुरी तरह बर्बाद कर दिया है। नर हाथी हर पार्क की सीमा से निकलकर आबादी क्षेत्र में घुसकर वहां के लोगों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। इन्हें रोकने के वन विभाग के तमाम प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
हरिद्वार वन प्रभाग के गांव बिशनपुर, अजीतपुर, पंजनहेड़ी, कटापुर, जमालपुर आदि गांवों में नर हाथियों की दहशत है। हाथियों ने किसानों की गन्ने और धान की फसल को बुरी तरह बर्बाद कर दिया है। सोमवार देर रात फिर पांचों नर हाथी अजीतपुर गांव में आ पहुंचे। हाथियों ने किसानों की कई बीघे की फसल को रौंद दिया। जीतपुर गांव से ये हाथी दो हिस्सों में बंटकर अलग अलग हो गए। तीन नर हाथी बिशनपुर गांव की ओर चले गए तो दो हाथी जमालपुर गांव में किसानों के खेतों में घुस गए। इन्होंने किसानों की गन्ने और धान की फसल को बर्बाद कर दिया। वन विभाग की टीम तड़के करीब चार बजे किसी तरह से इन हाथियों को जंगल में खदेड़ने में कामयाब हो सकी। करीब एक हफ्ते से नर हाथी हर रोज किसानों के खेतों में आकर उनकी फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वन विभाग तमाम कोशिशों के बाद बावजूद इन हाथियों को आबादी क्षेत्र में आने से नहीं रोक पा रहा है।
हाथियों को रोकने के लिए वन विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं है। हाथियों को रोकने के लिए करीब 50 वन कर्मियों की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसलिए उच्च अधिकारियों से भी बातचीत की जाएगी। राजाजी पार्क से गंगा पार आबादी में जाने वाले हाथियों को रोकने के लिए अधिकारियों से स्पीड बोट की मांग की गई है। जिन किसानों की फसलें हाथियों ने बर्बाद कर दी है, उन किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
- दिनेश नौडियाल, रेंजर, हरिद्वार वन प्रभाग