Haridwar Haridwar, Dehradun and returned to the successful trial of the Railway Safety Commissioner Shailesh Pathak returns electric train coming down, DRM Pramod Kumar and other officials.
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हरिद्वार-देहरादून के बीच भी इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने का ट्रायल सफल रहा। बृहस्पतिवार को शताब्दी ट्रेन पहली बार इलेक्ट्रिक इंजन से देहरादून से हरिद्वार पहुंची। ट्रेन को देहरादून से हरिद्वार के लिए रवाना किया। इससे पूर्व ट्रेन की बोगी सीआरएस स्पेशल डीजल से हरिद्वार से देहरादून पहुंचाई गई।
बृहस्पतिवार की सुबह दस बजे हरिद्वार रेलवे स्टेशन से डीजल इंजन से सात डिब्बों की स्पेशल ट्रेन सीआरएस को देहरादून के लिए रवाना किया गया। इस ट्रेन में कमीश्नर रेलवे ऑफ सेफ्टी (सीआरएस) शैलेश कुमार पाठक, डीआरएम प्रमोद कुमार सहित रेलवे के अन्य अधिकारी हरिद्वार से देहरादून के बीच इलेक्ट्रिक लाइन का निरीक्षण करते हुए देहरादून पहुंचे। देहरादून पहुंचने से पूर्व अधिकारियों ने हरिद्वार-देहरादून के बीच इलेक्ट्रिक लाइन की गहनता से निरीक्षण के लिए करीब साढ़े तीन घंटे का समय लिया।
देहरादून से शाम 4:30 बजे इलेक्ट्रिक इंजन युक्त स्पेशल ट्रेन को हरिद्वार के लिए रवाना किया गया। यह स्पेशल ट्रेन देहरादून से हरिद्वार 1 घंटा 5 मिनट में पहुंची। इलेक्ट्रिक इंजन युक्त स्पेशल ट्रेन सफल संचालन होने पर रेलवे अधिकारियों ने खुशी जताई है। इस मौके पर चीफ इंजीनियर दयाल डोगरा, डिप्टी चीफ इंजीनियर अंबाला मनोज पांडे, हरिद्वार रेलवे स्टेशन अधीक्षक एमके सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।