निलंबन पर हाईकोर्ट की रोक लगाने के बाद भी शिक्षक को बहाल न करने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारी अवमानना का नोटिस मिलते ही हरकत में आ गए। लालढांग प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक को अब आनन-फानन में बैक डेट में बहाल कर दिया गया। प्रधानाध्यापक सुभाष कुमार ने सोमवार को बंद स्कूल खुलवाकर चार्ज ले लिया।
लालढांग प्राइमरी स्कूल में तीन महीने पहले एक शिक्षिका की ओर से आरोप लगने के बाद प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया था। शिक्षक ने विभागीय कार्यवाई को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी। जिस पर कोर्ट ने निलंबन पर रोक लगा दी। विभाग शिक्षक को बहाल करने को तैयार नहीं हुआ। इतना ही नहीं प्रधानाध्यापक के पहुंचने पर स्कूल में जमकर हंगामा हुआ तो ग्रामीणों ने पूरा स्टाफ बदलने की मांग उठाई। मगर विभाग ने इसे अनदेखा कर दिया।
बाद में प्रधानाध्यापक को स्कूल आने से भी मना कर दिया गया। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद बहाल न करने पर प्रधानाध्यापक ने अवमानना का मामला दायर कर दिया। जिस पर कोर्ट ने डीईओ बेसिक और डिप्टी बेसिक को नोटिस जारी किए थे। अवमानना का नोटिस मिलने से विभाग में हड़कंप मच गया और शिक्षक को 24 जनवरी की तारीख में बहाली का आदेश जारी कर दिया गया। जबकि अवमानना का नोटिस जारी होने से पहले तक भी अधिकारी यह कहते रहे कि कोर्ट ने बहाली के नहीं बल्कि जांच के आदेश दिए हैं। अब प्रभारी डीईओ बेसिक दिनेश चंद्र डिमरी ने खुद नौ नवंबर को जारी हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए बहाली का आदेश जारी किया है।