दूूधिए के बेटे ने राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले एआईपीएमटी (आल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट) में 736वीं रैंक हासिल करने में कामयाबी पाई। होनहार बेटे के घर पर सोमवार को इलाके भर से बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
लक्सर ब्लॉक के गांव शकरपुर में राजवीर सिंह पंवार का परिवार रहता है।
दो चार बीघा काश्त की जमीन से परिवार की गुजर बसर नहीं होती थी तो चार भैंस पाल ली। दूध बेचकर दो बेटे और एक बेटी के साथ पांच सदस्यों वाला यह परिवार पल रहा है। बच्चों में सबसे बड़ी बेटी है जो बीए की पढ़ाई कर रही है। सबसे छोटा बेटा बारहवीं की पढ़ाई कर रहा है।
मझले बेटे अंकित पंवार ने गांव ही नहीं बल्कि इलाके का नाम रोशन कर दिया। 25 जुलाई को हुई एआईपीएमटी परीक्षा का सोमवार को रिजल्ट आया तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली इस परीक्षा में अंकित ने 736वीं रैंक हासिल की। अंकित ने पिछले साल भी इस परीक्षा की तैयारी की थी।
किराये का कमरा लेकर हरिद्वार में कोचिंग ली। अंकित को आखिर उसका मुकाम हासिल हो गया। टेस्ट में बेहतर रैंक के चलते अंकित अब देश के किसी नामचीन सरकारी मेडिकल कालेज से एमबीबीएस की पढ़ाई करेगा।
पढ़ाई के अलावा नहीं सूझा दूसरा काम
अंकित ने अमर उजाला को बताया कि वह सुबह नौ बजे कोचिंग के लिए आता था। शाम को आठ बजे क्लास बंद होने पर ही वह कमरे के लिए वहां से निकलता था। अंकित ने बताया कि एक साल तक पढ़ाई के अलावा उसे केवल खाना पीना याद रहा।
इन्होंने भी बढ़ाया मान
एआईपीएमटी में शहर के इन होनहारों ने भी बेहतर मुकाम हासिल करने में सफलता पाई। शिवालिक नगर निवासी और कनखल स्थित गंगा वैली हॉस्पिटल के संचालक डा. एसके सुमन के बेटे वैभव ने 2557 वीं रैक हासिल करने में कामयाबी पाई।
वहीं ऋचा सेमवाल ने बालिका वर्ग में 6655 और दीपक अग्रवाल 7963वीं रैंक प्राप्त करने में सफल रहे। रोबिन ने एससी वर्ग में 2135 वीं रैंक हासिल कर शहर का मान बढ़ाया।