फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवरात्र के सजे पंचपुरी के देवी मंदिर

Sat, 01 Oct 2016 12:13 AM IST
hridwar uttrakhanda india
विज्ञापन
दस दिन होगी मां की आराधना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पितृ धरती से विदा हो गए और अब दस दिनों के लिए मां भगवती धरती पर आ गई है। प्रथम शैल पुत्री से लेकर नवम सिद्धिदात्री की पूजा इस बार एक नवरात्र बढ़ने से नौ के बजाय दस दिनों तक चलेगी। दशहरा का पर्व 11 अक्तूबर तक मनाया जाएगा।
विज्ञापन

नवरात्र के लिए पंचपुरी के सभी देवी मंदिर सज गए हैं। मनसा देवी, चंडी देवी, मायादेवी, सुरेश्वरी देवी और अंजनी देवी पर नौ दिनों तक प्रतिदिन अनुष्ठान चलते रहेंगे। पंचपुरी ने जितनी भी अन्य देवियां और शीतला माताएं हैं और वे सभी पूजी जाएंगी। सभी देवी मंदिरों पर रोशनी की गई है। अनेक जगह शत चंडी यज्ञ प्रारंभ हो रहे हैं। पंचपुरी वासी अपने घरों में देवी भागवत और शतचंडी के पाठ बैठाएंगे। ये पाठ प्रतिदिन भगवती के अलग-अलग स्वरूपों को समर्पित रहेंगे। हजारों लोग नवरात्र रखकर साधना करेंगे। इन व्रतों में रात के समय भोजन या फलाहार किया जाता है। देवियों के मंदिर में सायंकालीन आरती विशेष रहेंगी। अन्य सभी मंदिरों में देवी के प्रतिमा स्थलों पर विशेष पूजा अर्चना की जाएगी।
बंगाली समाज कुछ स्थानों पर पूजा पंडाल बना रहा है। इन पंडालों में भगवती की बड़ी प्रतिमा स्थापित होगी। बदलते जमाने के बावजूद सांझी लगाने की परंपरा किसी न किसी रूप में कायम है। पहले दीवार पर गोबर थापकर मिट्टी से बनी सांझी लगाई जाती थी। इस सांझी का विसर्जन आठ या नौ दिनों की पूजा के बाद किया जाता था। अब सांझी लुप्त होती जा रही है। अलबत्ता सांझी का स्थान दुर्गा प्रतिमाओं ने ले लिया है। इन प्रतिमाओं की स्थापना मंगल कलश के साथ चौकियों पर की जाएगी।
विज्ञापन

-----------
घट स्थापना मुहूर्त
घट स्थापन के तीन शुद्ध मूर्त हैं। एक अक्तूबर को सूर्योदय से चार घंटे उपरांत किसी भी समय शुरू की जा सकती है। तीन शुभ लगन भी पड़ रहे हैं। कन्या लगन प्रात: 7.28 बजे तक रहेगा। इस समय कलश स्थापना पुण्य दायी होगी। तुला लगन प्रात: 9.50 बजे तक रहेगा। इस लगन में घट स्थापना का पुण्य लाभ मिलता है। दोपहर 12.13 बजे तक वृश्चिक लगन की पूजा की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें