कार्यभार ग्रहण के के एक दिन बाद ही शुक्रवार को जिलाधिकारी दीपक रावत ने विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान अलग-अलग विभागों के 12 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सभी कार्यालयों की उपस्थिति पंजिका तलब करते हुए जिलाधिकारी ने अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं कलेक्ट्रेट की कैंटीन में निरीक्षण के दौरान गुटखा, बीड़ी और सिगरेट जैसे सामान बेचने पर उन्होंने कैंटीन संचालक को कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने कैंटीन में गुटखा और ध्रुमपान सहित पॉलिथीन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। डीएम के औचक निरीक्षण से सभी कार्यालयों में हड़कंप मचा रहा।
शुक्रवार को सुबह अपने कार्यालय में फरियादियों की समस्याएं सुनते-सुनते जिलाधिकारी दीपक रावत करीब दस बजकर 40 मिनट पर अचानक ही उठे और विकास भवन में औचक निरीक्षण के लिए चले गए। उनके निरीक्षण की किसी को भनक नहीं थी। डीएम ने मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी कार्यालय, ग्राम्य विकास अभिकरण समेत कई दफ्तरों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई कुर्सियां खाली थी।
उन्होंने सभी कार्यालयों के उपस्थिति रजिस्टर तलब किए। इस दौरान पाया गया कि जिला विकास कार्यालय के एक, ग्राम्य विकास अभिकरण के दो, पंचस्थानिक निर्वाचन कार्यालय के एक, पशुपालन कार्यालय और जिला पंचायती राज कार्यालय से दो-दो और जिला कार्यक्रम कार्यालय से चार कर्मचारी पौने ग्यारह बजे तक भी दफ्तर नहीं आए थे। रजिस्टर में उनकी अनुपस्थिति भी उस समय तक नहीं लगाई गई थी। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और सबकी अनुपस्थिति दर्ज कराई। जिलाधिकारी ने अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है कि समय से दफ्तर नहीं आने पर क्यों न उनका वेतन काट लिया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसा होने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।
मुख्य विकास भवन के दफ्तरों में निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर के दफ्तरों तथा कैंटीन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने साफ सफाई बेहतर रखने के निर्देश दिए। कैंटीन में बीड़ी सिगरेट तंबाकू तथा गुटखा आदि बिकता पाए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। डीएम ने कहा कि कलेक्ट्रेट की कैंटीन में केवल खाने-पीने का सामान ही बेचने की अनुमति है। इससे इतर बिड़ी, सिगरेट तंबाकू आदि के साथ ही पॉलिथीन के प्रयोग पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए।
नमामि गंगे की धीमी गति पर जताई नाराजगी
जिलाधिकारी ने नमामि गंगे योजना के अंतर्गत किए जाने वाले विकास कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जाते हुए नालों की टेपिंग और अन्य निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। नमामि गंगे योजना के अधिशासी अभियंता आरके जैन और अन्य अधिकारियों ने जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें योजना के विकास कार्यों की रिपोर्ट पेश की। इस दौरान बताया गया गंगा में गिर रहे 17 नालों की टेपिंग का कार्य किया जा चुका है, जल्दी ही पांच और गंदे नालों की टेपिंग की जाएगी। जिलाधिकारी ने कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही निर्माण कार्यों का मौका मुआयना करेंगे।
राज्य आंदोलनकारियों ने बताई समस्याएं
राज्य आंदोलनकारी समिति की ओर से एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष हर्षप्रकाश काला और कमला बमोला के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्हें राज्य आंदोलनकारियों की विभिन्न समस्याओं के बारे में बताया और पिछले दिनों हुई समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में विधिवत आदेश जारी करने की अपील की। जिलाधिकारी ने शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया। राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति की ओर से अध्यक्ष जेपी पांडे ने भी जिलाधिकारी को विभिन्न समस्याओं के बारे में ज्ञापन दिया
कोई दिक्कत हो तो डीएम को मिलाएं मोबाइल
जिलाधिकारी दीपक रावत ने जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए अपना मोबाइल नंबर 9458977777 जारी किया है। जिलाधिकारी के अनुसार अगर कोई अधीनस्थ किसी फरियादी का काम नहीं कर रहा हो तो उस स्थिति में उन्हें फोन किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।