फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहली से दस गुना घातक रही कोरोना की दूसरी लहर

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण की पहली और दूसरी लहर में आम से खास लोगों को जान की कीमत चुकानी पड़ी है। महामारी की दोनों लहरों ने स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल खोल दी थी। इसके बाद शासन और प्रशासन ने सबक लिया और भविष्य में इस तरह की महामारी से लड़ने की तैयारी की गई। यही कारण है कि जनपद में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने की कसरत की गई। इसके बाद पीएचसी से जिला अस्पतालों तक कई सुविधाएं बढ़ी हैं।
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण की पहली लहर के बाद सबसे पहले वीरान पड़े मेला अस्पताल में संक्रमित लोगाें के उपचार के लिए व्यवस्थाएं की गई। पहली लहर में यहां अलग से आईसीयू वार्ड बनाने के साथ वहां ऑक्सिजन की व्यवस्था की गई। पहली लहर में कई लोग यहां से स्वस्थ होकर लौटे। दूसरी लहर ज्यादा घातक होने के कारण अन्य सुविधाओं की जरूरत महसूस की गई। इसके बाद यहां ऑक्सिजन प्लांट और जांच लैब स्थापित करने की कसरत शुरू हुई। मेला अस्पताल में आरटीपीसीआर जांच लैब शुरू हो चुकी है, यह अलग बात है कि इसकी क्षमता काफी कम है। बड़े अस्पतालों के साथ प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए। विधायकों ने अपनी निधि से लाखों रुपये के उपकरण खरीदे हैं। संवाद
मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की सौगात मिली
जनपद को सबसे बड़ी सौगात मेडिकल कॉलेज की मिली है। यहां प्राचार्य की नियुक्ति करने के बाद जगजीतपुर में भवन का निर्माण भी शुरू हो चुका है। आने वाले साल में पांच सौ बेड के मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के साथ उपचार की सुविधा मिलने की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद हरिद्वार की मरीजों को दून की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इसके अलावा उत्तरी हरिद्वार में वर्षों से की जा रही अस्पताल की मांग भी पूरी हो चुकी है। भूपतवाला में भवन का निर्माण शुरू कर दिया गया है। करीब सौ बेड के अस्पताल बनने के बाद यहां के लोगाें को काफी राहत मिलेगी।
विज्ञापन

एमआरआई यूनिट का हो चुका उद्घाटन
मेला अस्पताल में एमआरआई यूनिट का 18 दिसंबर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की ओर से उद्घाटन किया जा चुका है। अब तक जनपद के किसी भी सरकारी अस्पताल में एमआरआई की सुविधा नहीं थी। मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर एमआरआई करवानी पड़ती थी। अब गरीब मरीजों की निशुल्क और सामान्य मरीजों की कम पैसे देकर एमआरआई हो जाएगी।
डायबिटीज बच्चों को मुफ्त इंसुलिन इंजेक्शन
सरकार की ओर से डायबिटीज से पीड़ित बच्चों के लिए जिला अस्पताल में इंसुलिन इंजेक्शन मुफ्त में मिलने शुरू हो गए हैं। इससे डायबिटीज के मरीज बच्चों के अभिभावकों को काफी बड़ी राहत मिली है।
जनपद में नहीं बर्न यूनिट, डॉक्टरों का भी अभाव
सरकार की ओर से अस्पताल तो खोले जा रहे हैं, मगर चिकित्सकों का अभाव बना हुआ है। धर्मनगरी के मेला अस्पताल में ही अधिकांश डॉक्टरों के पद खाली पड़े हुए हैं। यहां बाल रोग, फिजिशियन, आर्थो सर्जन, कॉर्डियोलॉजिस्ट आदि के महत्वपूर्ण पद खाली हैं। इसी तरह से बहादराबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 11 में से सात पद रिक्त चल रहे हैं। इसी तरह अन्य सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी डॉक्टरों का अभाव बना हुआ है। जिससे स्वास्थ्य केेंद्र सफेद हाथी बनकर रह गए हैं। जनपद में आग से झुलसे लोगों का उपचार करने के लिए बर्न यूनिट तक नहीं है। जिससे झुलसे मरीजों को उपचार के लिए जनपद से बाहर जाना पड़ता है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें