मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान रामपुर रायघटी गांव के ग्रामीणों के नाम कबूलपुर रायघटी में दर्ज किए जाने पर ग्रामीणों ने असंतोष जताया है। ग्रामीणों ने एसडीएम को प्रार्थनापत्र देकर एसआईआर सूची में उनके गांव का नाम रामपुर रायघटी ही दर्ज कराए जाने की मांग की है।
सोमवार को तहसील क्षेत्र के रामपुर रायघटी गांव के ग्रामीण तहसील पहुंचकर एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला से मिले। उन्होंने बताया कि उनके गांव का नाम दशकों से रामपुर रायघटी ही चला आ रहा है। भूमि व शैक्षिक दस्तावेजों सहित सरकारी दस्तावेजों में भी यही नाम दर्ज है। 1995 में कम जनसंख्या के चलते उनके गांव को भिक्कमपुर जीतपुर ग्राम सभा से जोड़ने पर भी उनके गांव का नाम पूर्व की भांति रामपुर रायघटी ही दर्ज रहा।
2005 में अलग ग्राम पंचायत बनाए जाने की कवायद के दौरान भिक्कमपुर जीतपुर और रामपुर रायघटी मौजा की सीमाओं की पैमाइश के दौरान अधिकांश ग्रामीण भिक्कमपुर जीतपुर रकबे के निवासी तस्दीक होने के बाद भी उनके गांव का नाम यही रहा है। वर्तमान में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बीएलओ उनके नाम के साथ गांव का नाम कबूलपुर रायघटी दर्ज कर रहीं हैं।
ऐसे में आने वाले समय में उनके व उनके बच्चों के सामने नाम व पते को लेकर कई तरह की समस्याएं सामने आएंगी। ग्रामीणों ने एसडीएम से एसआईआर में उनके गांव का नाम रामपुर रायघटी ही दर्ज कराए जाने की मांग की। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला ने ग्रामीणों को सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रार्थनापत्र देने वालों में नरेंद्र कुमार, राजकुमार, संजय कुमार, होशराम, पवन कुमार, देवेंद्र, अरविंद, दीपक, रामसिंह, नेत्रपाल, संदीप कुमार, बबलू, प्रदीप, राजेंद्र सहित कई ग्रामीण शामिल रहे।