मुख्य चिकित्साधिकारी सरोज नैथानी ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया तो हर तरफ अव्यवस्थाएं नजर आई। डॉक्टरों के कक्ष के बाहर मरीजों के लिए बैठने की पर्याप्त कुर्सियां और बेंच नहीं थे। निराश्रित वार्ड में जगह जगह गंदगी फैली थी। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड कक्ष में कई खामियां मिली। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए प्रभारी सीएमएस चंदन मिश्रा को सुधार के निर्देश दिए। सफाई होने पर ठेकेदार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
शनिवार को सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल के कोरिडोर में मरीजों के बैठने की व्यवस्था ठीक नहीं मिली। यहां प्रकाश और पंखे की भी व्यवस्था नहीं थी। अस्पताल की दीवारों पर मकड़ी के जाली लटक रहे थे। बच्चों के वार्ड में भी सफाई नहीं होेने गहरी नाराजगी जताई।
एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड कक्ष की दीवारों सीलन थी और गंदगी फैली हुई मिली। उन्होंने मेला अस्पताल में तैनात डॉ. संजय त्यागी को एक्स-रे की व्यवस्था देखने के निर्देश दिए।
मानसिक रोगियों की जांच करेंगे मनोरोग विशेषज्ञ अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि अस्पताल में मानसिक रूप से पीड़ित मरीज भी भर्ती होते हैं, जिनको देखने के लिए कोई डॉक्टर नहीं है। जिस पर सीएमओ ने मेला अस्पताल के अधीक्षक को वहां पर तैनात मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव रंजन तिवारी को जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए।
प्रतिदिन भेजे जाएंगे सैंपल जिला अस्पताल से डेंगू और स्क्रब टाइफस के मरीजों के सैंपल मेला अस्पताल में स्थित डीपीएचएल लैब में न भेजने पर पैथोलॉजी स्टाफ को समन्वय बनाकर काम करने को कहा। सीएमओ ने जिला अस्पताल के लैब टेक्नीशियन को प्रतिदिनि एकत्रित हुए सैंपल को भेजने को निर्देशित किया।