कोरोना संक्रमण से जूझ रहे हरिद्वार के लिए एक और बुरी खबर है। हरिद्वार जिले में डेंगू ने भी दस्तक दे दी है। नगर निगम क्षेत्र में दो लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके बाद मलेरिया विभाग ने संबंधित क्षेत्र में डेंगू के लार्वा को खत्म करने का अभियान भी चलाया। इस मामले में देहरादून में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चिंता जताई और अधिकारियों को बीमारी से निपटने के लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी किए।
हरिद्वार जिले में कुछ समय से कोरोना के तेजी से बढ़ने शुरू हुए हैं। जिले में अभी कोरोना ब्रेक भी नहीं हुआ था कि डेंगू के केस भी सामने आने लगे हैं। खास बात यह है कि अभी बरसात का मौसम ठीक से शुरू भी नहीं हुआ है। दो दो बीमारियों के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। जानकारी के अनुसार आर्यनगर चौकी निवासी एक साल की बच्ची और कनखल के युवक में डेंगू के लक्षण दिखने के बाद मेला अस्पताल की लैब में दोनों की एलायजा जांच की गई। जांच रिपोर्ट में दोनों में डेंगू की पुष्टि हुई है। एक मामला आर्यनगर चौक की एक 6 साल की बच्ची में और दूसरा कनखल के छतरी वाला कुंआ के पास का है। जानकारी के अनुसार मलेरिया विभाग की टीम को जांच के दौरान दोनों के घर पर नहीं बल्कि पड़ोस के घरों में लार्वा मिला। सीएमओ डॉ. शंभू झा ने बताया कि मरीजों के मामले आने पर कोरोना के साथ डेंगू के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
डेंगू के लक्षण
- शरीर के जोड़ों में एवं माथे में तेज दर्द।
- ठंड के साथ तेज बुखार चढ़ना।
- सिर मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द।
- अत्यधिक कमजोरी व भूख कम लगना।
- शरीर में सूजन, ब्लड प्रेशर कम होना और जी मिचलाना
- मुंह का स्वाद खराब होना।
- गले में दर्द व जुकाम लग जाना।
- चेहरे, गर्दन व छाती में दाने व चकते पड़ना।
डेंगू से बचाव के लिए यह करें
- अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- गमले, कूलर, फ्रीज व बरतनों का पानी बदलते रहें।
- पानी जमा होने वाले स्थानों पर पेट्रोल व कैरोसिन डाले।
- गड्ढ़ों को मिट्टी से भर दें व नाली बहती रहें।
- फूल बाजू के कपड़े व जूते व मौजे पहनकर रखें।
- रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- मकान के गेट व खिड़कियों पर महीन जाली लगाकर मच्छर न आने दे।