भेल क्षेत्र में प्रदर्शन करते हैवी इलैक्ट्रिकल्स् वर्कर्स ट्रेड यूनियन के पदाधिकारी ।
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भेल की हीप एवं सीएफएफपी की तीनों यूनियनों ने पीपी एवं बोनस का भुगतान, यूनियन के चुनाव नहीं कराए जाने और मृतक आश्रित परिवार को नौकरी नहीं दिए जाने के खिलाफ बुधवार को विरोध-प्रदर्शन किया। भेल मजदूरों ने प्रबंधन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
हैवी इलेक्ट्रिकल्स वर्कर्स ट्रेड यूनियन के महामंत्री विकास सिंह ने कहा कि भेल प्रबंधन और केंद्रीय नेताओं की आपसी सांठ-गांठ से मजदूरों को मिलने वाला बोनस, पीपी का पिछले दो साल से भुगतान नहीं हुआ है। मजदूरों को मिलने वाला नाइट एलाउंस, कैंटीन सब्सिडी, व्हीकल सब्सिडी में कटौती कर दी गई है या बंद कर दी गई है। अधिकारियों को दी जाने वाली सुविधाओं में कोई कटौती नहीं की गई है। इससे मजदूरों में भेल प्रबंधन के खिलाफ रोष है। उन्होंने कहा कि भेल प्रबंधन की अप्रैल माह में संयुक्त समिति की बैठक बुलाए। एक मई 2022 को पिछले दो वर्षों का पीपी व बोनस का भुगतान किया जाए।
सीएफएफपी श्रमिक यूनियन के महामंत्री अमित गोगना ने कहा कि रविवार एवं छुट्टी के दिन ओवर टाइम करने वाले मजदूरों को लेबर एक्ट के अनुसार ओटी का भुगतान होना चाहिए। हैवी इलेक्ट्रिकल्स वर्कर्स ट्रेड यूनियन के कार्यवाहक अध्यक्ष रवि कश्यप ने कहा कि भेल में यूनियन के मान्यता के चुनाव का कार्यकाल चार वर्ष है लेकिन भेल प्रबंधन एवं केंद्रीय नेताओं की मिलीभगत से 6 वर्ष से चुनाव नहीं हुए हैं। सेंट्रल फाउंड्री फोर्स वर्कर्स यूनियन के महामंत्री जय शंकर ने कहा कि केंद्रीय विद्यालय, भेल, हरिद्वार में पूर्व की भांति कक्षा प्रथम में भेल कर्मचारियों के बच्चों का प्रवेश पंजीकरण प्रारंभ किया जाए। प्रदर्शन के दौरान रवि कश्यप, बीजी शुक्ला, अशोक सिंह, सलीम, ईसम पाल, ऋषिपाल, बलवीर सिंह रावत, राकेश मालवीय, मोहित शर्मा, नवीन, अरविंद मावी, कामता प्रसाद, दीपक राय, सत्येंद्र प्रताप सिंह, कमलेश राय आदि मौजूद थे।