भेल हीप और सीएफएफपी की नौ श्रमिक यूनियनों ने विभिन्न लाभों की कटौती करने पर प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर श्रमिक यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कटौती निरस्त नहीं की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
बुधवार को भेल के फाउंड्री गेट पर भेल की यूनियनों के पदाधिकारी एकत्रित हुए। हैवी इलैक्ट्रिकल्स वर्कर्स ट्रेड यूनियन के महामंत्री विकास सिंह ने कहा पर्क्स, कैंटीन सब्सिडी, ईएल नकदीकरण आदि में कटौतियों कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि भेल प्रबंधन के इस फैसले के खिलाफ कर्मचारियों में रोष है। यदि भेल प्रबंधन ने तत्काल पर्क्स और एलाउंस में 50 प्रतिशत की कटौती निरस्त करके एक अप्रैल से उसके एरियर का भुगतान नहीं किया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा।
हीप बीएमएस के महामंत्री संदीप कुमार ने कहा कि भेल प्रबंधन ट्रांसपोर्ट व कैंटीन सब्सिडी को तत्काल निरस्त करते हुए कर्मचारियों के लिए कैंटीन को पूर्व की भांति सुचारु रूप से प्रारंभ किया जाए। हैवी इलैक्ट्रिकल्स मजदूर यूनियन के महामंत्री मोहित शर्मा ने कहा कि हरिद्वार में कोरोना महामारी का संक्रमण बढ़ रहा है। उन्होंने प्रबंधन से मांग उठाई कि कोरोना से मृत्यु होने पर आश्रित परिवार के एक सदस्य को तत्काल भेल में स्थायी नौकरी और एक करोड़ रुपये के टर्म इंश्योरेंस की पॉलिसी लागू करे। भेल कर्मचारी परिषद् के महामंत्री अमित चौहान ने कहा कि वर्ष 2018-2019 के बोनस, एसआईपी की दूसरी किस्त ज्वाइंट कमेटी के निर्णयानुसार मार्च माह के वेतन में एक अप्रैल 2020 को मिल जानी चाहिए था जोकि अभी तक नहीं मिला है। इस मौके पर हीप के महामंत्री आशीष सैनी, रवि कश्यप, राकेश मालवीय, सुभाष पुरोहित, संदीप कुमार, अरविंद मावी, करण सिंह नायक, मोहित शर्मा, विरेंद्र अवस्थी, अमित चौहान, विकास परेड़ा, अमित गोगना, अब्बास, आशीष सैनी, मेहर सिंह, अरविंद कुमार, रविंद्र कुमार, जय शंकर, बलवीर सिंह रावत, सत्यशील वत्स, राम कुमार, परितोष कुमार, अतुल राय, महेंद्र बिष्ट आदि शामिल हुए।