मेला अस्पताल के मरीजों और परिसर में रहने वाले कर्मचारियों के परिजनों के लिए परेशानी भरी खबर है। प्रबंधन द्वारा एक महीने का समय मांगने के बाद भी बिजली और सीवर के बिल का भुगतान नहीं करने के कारण शुक्रवार को ऊर्जा निगम व जलसंस्थान अनुरक्षण इकाई के अधिकारियों ने अस्पताल के दोनों कनेक्शन काट दिए। शुक्रवार की शाम पूरा अस्पताल अंधेरे में डूबा रहा। मरीजों के साथ ही तीमारदारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल की सारी सुविधाएं भी ठप हो गई है। शनिवार को ये परेशानी और भी बढ़ जाएंगी।
मेला अस्पताल पर करीब ऊर्जा निगम का करीब दस लाख रुपये का बिजली का बिल बकाया है। सीवर टैक्स की भी रकम जमा की जानी है। एक महीने पहले भी बिजली के कनेक्शन काट दिए गए थे तब अधिकारियों ने ऊर्जा निगम के अफसरों को भरोसा दिलाया था कि एक महीने में बकाया बिल अदा कर देंगे। अधीक्षक डा. एचके सिंह ने बताया कि अस्पताल पर करीब 26 लाख रुपये बिजली बिल बकाया था, करीब आठ लाख रुपये पिछले सप्ताह जमा कराया जा चुका है । ऊर्जा निगम के अधिकारियों से आग्रह किया गया है कि बजट आने वाला है शीघ्र ही बकाया बिल भी जमा करा देंगे लेकिन वे नहीं माने और शुक्रवार को बिजली का कनेक्शन काट दिया गया। वहीं दो दिन पहले ही जलसंस्थान की अनुरक्षण इकाई की ओर से भी करीब साढ़े सात लाख रुपये का बिल भेजा गया। उनसे भी बजट आने पर बिल जमा करने का आग्रह किया गया था लेकिन वे भी कनेक्शन काट गए। डा. एचके सिंह ने बताया कि शनिवार को अधिकारियों से मिलकर स्थिति बताएंगे तथा कनेक्शन जुड़वाने का प्रयास करेंगे।