हरिद्वार। संपत्ति खुर्द बुर्द करने के आरोप में फंसे भेल शिवालिक नगर गृह निर्माण समिति के सचिव आफताब ने दबंगई दिखाते हुए शिवालिक नगर के तीन कलस्टर की जलापूर्ति बंद कर दी। गुस्साए शिवालिक नगर के लोगों ने ट्यूबवेल पर पहुंचकर जमकर हंगामा काटा। मौके पर पुलिस भी पहुंची। इसके बाद ट्यूबवेल के ताले तुड़वाकर जलापूर्ति बहाल की गई। शुक्रवार सुबह सचिव पर पानी आपूर्ति बंद कर हत्या की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर किया गया है।
बृहस्पतिवार को रानीपुर कोतवाली में सचिव आफताब खान के खिलाफ संपत्ति खुर्द बुर्द करने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। यह जानकारी लगने से बौखलाए सचिव ने देर शाम कलस्टर आर, क्यू एवं पी जलापूर्ति बंद कर दी। शिवालिक नगरवासियों में जब जलापूर्ति बंद कर देने की बात पहुंची तब वे भारी संख्या में एकत्र होकर सीधे ट्यूबवेल पहुंच गए। पता चला कि ट्यूबवेल में सचिव आफताब खान ने ताले जड़ दिए हैं और जलापूर्ति बंद कर दी। गुस्साई भीड़ फिर एकत्र होकर सीधे रानीपुर कोतवाली पहुंच गई। कोतवाली का घेराव होने पर पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस तुरंत ट्यूबवेल पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में ताले तोड़े गए। फिर जलापूर्ति बहाल कराई गई। कालोनीवासी विजय कुमार पुत्र मदनपाल सिंह का आरोप है कि आफताब खान ने धमकी दी कि पानी की टंकी पर यदि किसी ने पांव भी रखा तब उसकी हत्या करा दी जाएगी। प्रदर्शनकारियों में व्यापारी नेता सुनील शर्मा डिंपी, धर्मेद्र विश्वनोई, अजय जैन, अतुल शर्मा, अजय डिमरी, रवि चौधरी, अजय दीक्षित, विजय कुमार, सुरेश कुमार, राजीव चौहान, जितेंद्र बंसल समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल रहे। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी सचिव आफताब खान के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की जाएगी।
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बेखौफ है सचिव
हरिद्वार। सचिव की दबंगई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस हस्तक्षेप के बाद भी उसने दोबारा पानी की आपूर्ति बंद कर दी थी। देर रात जब पुलिस ने ताले तुड़वाकर जलापूर्ति बहाल कराई थी तब मामला शांत हो गया था। आरोप है कि देर रात करीब बारह बजे सचिव फिर ट्यूबवेल पर पहुंचा। वहां मौजूद कर्मचारियों को डराया धमकाया फिर जलापूर्ति बंद कर दी और दूसरे ताले जड़ दिए। सुबह जब फिर से जलापूर्ति बंद हुई तब शिवालिक नगर वासी एकत्र होने लगे। तब पूरे मामले की बात जिलाधिकारी हरबंस चुघ तक पहुंची। डीएम के आदेश पर पहुंचे प्रशासनिक अफसरों ने जलापूर्ति बहाल कराई।