हरिद्वार। श्रावण मास के कांवड़ मेले में इन दिनों जहां देश के अलग अलग राज्यों से लाखों शिवभक्त गंगा जल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं, वहीं श्रद्धालुओं की जेब काटकर सीजन में कमाई करने के लिए जेब कतरे भी दूर-दूर से पहुंचे हैं। हरिद्वार पुलिस ने बुधवार को पांच ऐसे जेबकतरों को दबोच लिया जो यहां बाकायदा होटल में कमरा लेेकर ठहरे हुए थे। आरोपियों के कब्जे से चाकू, खुखरी व ब्लेड के अलावा पांच हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस ने जेबकतरों को होटल में ठहराने वाले एक कर्मचारी को भी हिरासत में ले लिया है।
हरिद्वार कोतवाली के पुलिसकर्मी गिरीश चंद्र भट्ट, अमित कुमार और भरत सिंह बुधवार को कांवड़ मेला ड्यूटी पर थे। मुखबिर की सूचना पर उन्होंने पांच जेबकतरों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम अजय खत्री, निवासी आंचल, नेपाल हाल निवासी संजय कालोनी फरीदाबाद, दीपक निवासी जवाहर कालोनी, सारन, फरीदाबाद, मयूर, नीटू शर्मा निवासी हरोरा, बिलारी, मुरादाबाद और राजेंद्र कुमार निवासी ध्रुवपुर, सुखरौ, कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल बताया। आरोपियों के कब्जे से पांच ब्लेड, कटर, एक चाकू व एक खुखरी के अलावा पांच हजार रुपये और दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए।
कोतवाली प्रभारी योगेन्द्र पाल सिंह भदौरिया ने बताया कि पांचों आरोपी कांवड़ में जेब काटने हरिद्वार आए थे और यहां रेलवे स्टेशन के सामने शुभ गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। जेबकतरों को ठहराने वाले होटल कर्मचारी से भी पूछताछ की जा रही है।
हाईटेक हो गए जेबकतरे
पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह कांवड़ मेले के दौरान हरकी पैड़ी, मंसा देवी मंदिर जैसी भीड़ भाड़ वाली जगहों पर श्रद्धालुओं की जेब काटते थे। बीते 20 जुलाई को मंसा देवी मंदिर से एक श्रद्धालु का पर्स चोरी करने पर 12 हजार रुपये मिले थे। आरोपी अजय खत्री ने इनमें सात हजार रुपये अपनी पत्नी मंजू खत्री को ई बैंकिंग के जरिये उसके खाते में ट्रांसफर किए थे। पुलिस ने पैसे भेजने में मदद करने वाले की जानकारी भी जुटाई है।