कच्छा बनियानधारी गिरोह के शोर के बीच रविवार की रात मंडावली गांव में जमकर कोहराम मचा। पहरा दे रहे ग्रामीणों और संदिग्ध लोगों के बीच फायरिंग हुई। ग्रामीणों ने बदमाशों का साथी समझकर एक व्यक्ति को पकड़ लिया और बुरी तरह पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने जांच पड़ताल में व्यक्ति निर्दोष निकला।
पुलिस के रवैये के खिलाफ सोमवार को गांव में बुलाई गई पंचायत में पुलिस और ग्रामीणों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। ग्रामीण पुलिस पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगा रहे थे। गुस्साए ग्रामीणों ने अब पहरा नहीं देने की चेतावनी दी और पुलिस के खिलाफ हाईवे पर जाम लगा दिया। बाद में पुलिस ने गश्त बढ़ाने की बात कहकर ग्रामीणों को शांत किया।
ग्रामीणों के अनुसार रविवार की रात भी गांव में पहरा दिया जा रहा था। तभी करीब एक बजे पांच-छह संदिग्ध व्यक्ति गांव में घूमते दिखाई दिए। ग्रामीणों ने उन्हें रोकना चाहा तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी ग्रामीण उनके पीछे दौड़े तो बदमाश फायरिंग करते हुए भाग निकले। इस बीच ग्रामीणों ने एक व्यक्ति को पकड़ लिया।
उसे बुरी तरह पीटा गया और बाद में पुलिस को सौंप दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद पहले दो बाइकों पर सवार होकर आए चार बदमाशों ने और तड़के करीब पांच बजे एक बुलेरो सवार होकर आए संदिग्ध लोगों ने भी दहशत फैलाने के लिए गांव में फायरिंग की। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने पकड़े गए युवक के बारे में जानकारी ली तो पुलिस ने उसे निर्दोष बताया।
पुलिस का कहना था कि पकड़ा गया युवक चमोली का रहने वाला रविराम है, जो फैक्ट्री में काम करता है और इन दिनों बहादराबाद के पास सलेमपुर गांव में रहता है। पुलिस ने उसके घरवालों को बुलाया तो उनका कहना था कि वह करीब 15 दिन पहले घर से लापता हो गया था। दिमाग से भी वह कमजोर बताया गया है।
पुलिस द्वारा इस व्यक्ति को निर्दोष बताए जाने पर ग्रामीण भड़क गए। सोमवार की सुबह उन्होंने गांव में पंचायत बुलाई जिसमें सुरक्षा को लेकर असहयोग करने का आरोप लगाया गया। चेतावनी दी गई कि अब कोई भी ग्रामीण पहरा नहीं देगा। पंचायत में पहुंच एसएसआई नवीन सेमवाल के साथ ग्रामीणों की नोकझोंक भी हुई।
बाद में ग्रामीणों ने पुलिस के रवैये से नाराज होकर हाईवे जाम कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। एसएसआई ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया और उन्हें आश्वस्त किया कि क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी और पुलिस पिकेट भी लगाई जाएगी, तब ग्रामीण शांत हुए।