हरिद्वार। क्लासिक रेजीडेंसी होटल की चहारदीवारी ढहाने वाले दुबे बंधुओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बजाय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जबकि शनिवार को खुद कोतवाली प्रभारी ने होटल मैनेजर भगतराम की ओर से मुकदमा दर्ज करने की बात कही थी। अब केस दर्ज न होना सवालों के घेरे में है।
शनिवार को शंकर आश्रम तिराहे के पास होटल की 15 हजार स्कवायर फिट पर स्वामित्व का दावा कर रहे अखिलेश दुबे एवं अभिषेक दुबे ने जेसीबी से चहारदीवारी ढहा कब्जा लेने की कोशिश की थी। लेकिन ऐनवक्त पर रेल चौकी प्रभारी के पहुंचने पर वह कामयाब नहीं हो पाए। पुलिस मौके से अखिलेश दुबे समेत पांच लोगों को पकड़कर कोतवाली ले आई थी। एक जेसीबी, एक डंपर, तारबाड़ से लदा एक लोडिड ऑटो कब्जे में लिया गया था। स्वामित्व का दावा कर रहे अखिलेश दुबे के पक्ष में कांग्रेसी नेता पहुंचे थे।
एसपी सिटी नवनीत सिंह एवं सिटी मजिस्ट्रेट नासिर हुसैन ने भी कब्जा लेने की प्रक्रिया को गलत बताया था। लेकिन दिन ढलते-ढलते घटनाक्रम नया मोड़ लेता गया। होटल मैनेजर भगतराम की ओर से अखिलेश दुबे, उसके भाई अभिषेक दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात कोतवाल ने कही थी। लेकिन फिर मुकदमा दर्ज करने की बजाय मैनेजर की तहरीर पर जांच बैठा दी गई। कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र सिंह रावत से जब इस बाबत पूछा गया तो उनका कहना था कि अभी तहरीर पर जांच की जा रही है।