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तेल के टैंकर से हो रही थी गोतस्करी

Sat, 27 Jun 2015 01:24 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हरिद्वार
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तेल के टैंकर के अंदर पंजाब से कटान के लिए लाए जा रहे ग्यारह बैलों को पुलिस ने मुक्त करा दिया। एक बैल की टैंकर के अंदर मौत हो चुकी थी। पुलिस ने एक गोतस्कर को गिरफ्तार कर लिया जबकि उनके तीन साथ भागने में सफल रहे। आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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शुक्रवार को श्यामपुर पुलिस को सूचना मिली कि कुछ गो तस्कर तेल के टैंकर के अंदर बैलों को ठूंसकर बिजनौर की ओर ले जा रहे हैं। पुलिस ने चंडीघाट चौकी पर टैंकर को रोकना चाहा। पुलिस को देखकर चालक ने बैरियर तोड़कर टैंकर को निकाल लिया।

पुलिस के पीछा करने पर चंडीदेवी रोपवे के पास चार लोग टैंकर को छोड़कर जंगल की तरफ भाग निकले। पुलिस के पीछा करने पर एक नहर में कूद गया। जिस को पुलिस ने बाहर निकाल लिया। जबकि बाकी लोग भागने में सफल रहे। पुलिस ने जब टैंकर खोलकर देखा तो उसमें 12 बैल थे, जिसमें एक मरा था।
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बैलों को रस्सियों से बेरहमी से बांधकर रखा था और नशे की दवा भी दी हुई थी। पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी ने अपना नाम अब्बास पुत्र महबूब निवासी गांव अकबराबाद दडियाल टाण्डा रामपुर उत्तरप्रदेश बताया। उसने अपने फरार साथियों के नाम सरफराज, सखावत, अय्यूब बताया। ये सब भोजपुर मुरादाबाद के रहने वाले हैं।

सीओ सिटी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि बैल पंजाब के रोपड़ से लाए जा रहे थे। इन्हें कटान के लिए गांव गढ़ी सलेमपुर बिजनौर ले जा रहे थे। एक बैल को पच्चीस हजार में बेचा जाना था। सभी बैलों को कांजी हाउस प्रबंधन की सुपुर्दगी में दे दिया है।

टैंकर से पहली बार तस्करी
अभी तक गोतस्करी के कई मामले सामने आए लेकिन यह अपने आप में अलग था। पहली बार तेल के टैंकर से गोतस्करी पकड़ी गई। टैंकर को पीछे से काटकर एक दरवाजा बनाया गया था। बैल ठूंस देने के बाद उस दरवाजे को बंद कर दिया गया था। सामान्य रुप से देखने में किसी को दरवाजे का अहसास नहीं हो सकता था।

असली गुनाहगार तक नहीं पहुंचते हाथ
सैकड़ों बार पशु तस्करी के धंधे से पर्दा उठ चुका है। लेकिन कभी पुलिस असली गुनाहगारों तक नहीं पहुंच पाती। जबकि इस धंधे में कई बड़े लोगाें के हाथ होते हैं। पुलिस तह तक जाने की कोशिश कभी नहीं करती। मौके पर दबोचे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
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