ब्यूरो/अमर उजाला, रोशनाबाद
चौदह वर्षीय किशोरी को बहला फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म करने के मामले में विशेष जज पॉक्सो कोर्ट अर्चना सागर ने युवक को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 35 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता आदेश चौहान ने बताया कि सात सितंबर 2016 की रात कोतवाली रुड़की क्षेत्र में एक चौदह वर्षीय किशोरी घर से चली गई थी। सुबह तक भी वह अपने घर नही पहुंची थी। परिजनों ने पीड़ित किशोरी को आसपास और रिश्तेदारों में तलाश किया था। लेकिन इस दौरान पीड़ित लड़की का कोई पता नही चला था। परिजनों ने नाबालिग की गुमशुदगी की सूचना पुलिस को दी थी। दो दिन बाद आरोपी युवक ने मोबाइल पर पीड़ित किशोरी को ले जाने की बात कहीं थीं। उसी दिन पीड़ित किशोरी के परिवार वालों ने आरोपी सुखदीप उर्फ सुखबीर उर्फ दीपक पुत्र जसवंत निवासी ग्राम जिगरिवाला थाना अफजलगढ़ जिला बिजनौर, उप्र के खिलाफ कोतवाली रुड़की में मुकदमा दर्ज कराया था। घटना के दो माह के बाद पीड़ित किशोरी को रुड़की बस स्टैंड पर आरोपी युवक के पास से बरामद किया था। पीड़िता ने आरोपी युवक पर बहला फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म के जाने के गंभीर आरोप लगाए थे। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी युवक को जेल भेज दिया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी युवक के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट युवक को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 35 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई साथ ही कोर्ट ने पीड़ित को निर्भया फंड से प्रतिकर धनराशि एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने के निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जारी किए हैं।