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जेल में चेकिंग के दौरान मिला चार्जर-बैट्री

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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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जिला जेल में मुलाकात के लिए पहुंचे एक बुजुर्ग के कब्जे से मोबाइल फोन की बैटरी और चार्जर मिलने से हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने बैटरी और चार्जर जब्त करने के बाद बुजुर्ग को छोड़ दिया। जेल प्रशासन दिनभर पूरे मामले को दबाने में जुटा रहा।
रोजाना की तरह सोमवार को भी कैदियों से मुलाकात के लिए आमजन पहुंचे थे। इसी दौरान जेल के मुख्यद्वार पर बंदी रक्षकों के साथ चेकिंग करने वाले कैदियों में से एक कैदी ने मुलाकात करने पहुंचे एक बुजुर्ग से बैटरी और चार्जर बरामद किया। बैटरी और चार्जर मिलने की सूचना पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधीनस्थ तुरंत बुजुर्ग को जेल के अधिकारियों के पास ले गया। जेल अधिकारियों ने सामान जब्त कर बुजुर्ग को छोड़ दिया। जेल प्रशासन ने पुलिस को इस बारे में जानकारी देना तक उचित नहीं समझा। इसके बाद जेल के अधिकारी दिनभर इस मामले को लेकर चुप्पी साधे रहे। चर्चा है कि जिस कैदी से बुजुर्ग मुलाकात करने पहुंचा था, उसकी बैरक भी बदल दी गई। डिप्टी जेलर प्रेम सिंह चौहान ने बताया कि बुजुर्ग को छोड़ दिया गया।
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बुजुर्ग का नाम पता जरूर होगा
हरिद्वार। भले ही जेल के अधिकारी बुजुर्ग का नाम पता न होने की बात कह रहे हैं, लेकिन मुलाकात के बनने वाली पर्ची पर बुजुर्ग का नाम पता अवश्य होगा। यही नहीं आईडी प्रूफ लेने का सिस्टम भी बनाया गया है। निश्चित तौर पर बुजुर्ग की भी आईडी ली गई होगी, लेकिन जेल के अफसर बुजुर्ग का नाम पता न दर्ज होने की बात बोल रहे हैं। ऐसे में जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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जेल के अंदर हैं मोबाइल फोन!
हरिद्वार। यदि जेल के अंदर बैटरी और चार्जर पहुंचाया जा रहा था तो इस बात को बल मिल रहा है कि मोबाइल फोन अंदर ही है। क्योंकि बिना मोबाइल फोन के बैटरी और चार्जर का औचित्य ही नहीं है।
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