हरिद्वार। बालिका से देह व्यापार कराने और दुराचार के मामले में पोक्सो एक्ट की विशेष न्यायाधीश अपर सत्र न्यायाधीश अर्चना सागर ने महिला और दो व्यक्तियों सहित तीन दोषियों को दस-दस साल के कारावास की सजा सुनाई है। महिला और एक आरोपी पर 54-54 और एक आरोपी पर बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही एक आरोपी पर दोष सिद्घ नहीं होने पर उसे दोष मुक्त कर दिया गया।
शासकीय अधिवक्ता आदेश चौहान के अनुसार कोतवाली रुड़की के प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह ने बताया था कि पांच अक्तूबर 2013 को आदर्श नगर के पास किराये के मकान में रहने वाली पीड़िता की तहरीर पर रब्बानी उर्फ मोहम्मद अब्दुल रहमान पुत्र मोहम्मद हाशिम निवासी ग्राम राजगंज जिला अररिया बिहार, अलमीरा बेगम खातून पत्नी मोहम्मद फारूक निवासी ग्राम गेरालोटी थाना पुठिया जिला किशनगंज बिहार हाल पता मोहल्ला शास्त्री पार्क सीलमपुर दिल्ली, मोहम्मद इखलाक पुत्र मोहम्मद रसूल बख्श ग्राम तेलवा थाना जिला सहरसा बिहार हाल निवासी ब्लॉक सी, शास्त्री पार्क सीलमपुर दिल्ली और तौसीफ पुत्र फैयाज निवासी मोहनपुरा रुड़की हरिद्वार पर उससे अनैतिक देह व्यापार कराने और बलात्कार करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी अलमीरा बेगम को नाबालिग से अनैतिक व्यापार कराने और उसके साथ दुराचार कराने में सहयोग करने की दोषी पाते हुए दस वर्ष के सश्रम कारावास व 54000 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। रब्बानी उर्फ मोहम्मद अब्दुल रब्बान और को भी दस वर्ष के सश्रम कारावास और 54000 हजार रुपये के जुर्माने, तीसरे आरोपी मोहम्मद इखलाक को दस साल की सश्रम सजा व बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई । आरोपी तौसीफ पुत्र फैयाज को दोषमुक्त कर दिया गया।