ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
हरिद्वार में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षकों पर एसआईटी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसआईटी ने शिक्षा विभाग से रुड़की विकास खंड के एक और शिक्षक के प्रमाणपत्र मांगे हैं। विभाग ने प्रमाणपत्र एसआईटी को उपलब्ध करा दिए हैं। गहन जांच की जा रही है।
हरिद्वार में अब तक फर्जी शैक्षिक, मूल निवास और जाति प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पानी वाले 29 शिक्षकों को निलंबित किया जा चुका है। बीते माह ही पांच अन्य शिक्षकों के प्रमाणपत्र भी संदिग्ध पाए गए थे। इसके बाद शिक्षा विभाग ने सभी पांच शिक्षकों के प्रमाणपत्र एसआईटी को सौंपे। अब रुड़की ब्लॉक के एक और शिक्षक पर फर्जी प्रमाणपत्र की तलवार लटक रही है। जल्द कई अन्य फर्जी शिक्षकों के नाम भी सामने आ सकते हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में फर्जी शिक्षकों की संख्या सबसे अधिक है, लेकिन अब तक फर्जी प्रमाणपत्र होने पर भी इन्हें प्रमाणित करने वाले उच्चाधिकारियों तक आंच नहीं पहुंची है। जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा ब्रह्मपाल सिंह सैनी ने बताया कि एसआईटी को रुड़की ब्लॉक के एक और शिक्षक के प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिनकी एसआईटी गहनता से जांच कर रही है।