हरिद्वार।
टिहरी में तैनात ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार की पत्नी होने का दावा करने वाली एनआरआई महिला वर्षा राजपूत एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंस गई है। इस बार एनआरआई महिला पर अधिशासी अभियंता के घर रहते हुए नकदी, लाइसेंसी रिवाल्वर चोरी करने का आरोप लगा है। कोर्ट के आदेश पर ज्वालापुर पुलिस ने एनआरआई महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ज्वालापुर क्षेत्र के योगी विहार में अधिशासी अभियंता के परिजन रहते हैं। पिछले माह अप्रैल में ज्वालापुर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर उनकी पत्नी होने का दावा करने वाली स्वीडन की महिला वर्षा राजपूत को घर के एक कमरे पर कब्जा दिलाया था। उस दौरान एनआरआई महिला ने अधिशासी अभियंता की भाभी अंजू, माता बसंती देवी और पिता किशन लाल को बंधक बना लिया था। पुलिस कंट्रोल रूम को मिली सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने सभी को मुक्त कराया था। अभियंता की भाभी की शिकायत पर एनआरआई महिला के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था। फिर हाईकोर्ट ने अभियंता की याचिका पर सुनवाई करते हुए महिला से कब्जा खाली करने के आदेश दिए थे, जिसका पालन पुलिस ने कराया था। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि अभियंता के पिता ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है कि घर पर रहते हुए महिला ने 47 हजार की रकम और लाइसेंसी रिवाल्वर चोरी की है। बताया कि महिला वर्षा पुत्री राजबहादुर राजपूत निवासी फ्रेंडस कालोनी रावली महदूद के खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बता दें कि टिहरी में अभियंता के खिलाफ दर्ज हुए यौन शोषण के मुकदमे को पुलिस खारिज कर चुकी है।