ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार। गिरोह बनाकर लूट और अन्य अपराध कर लोगों में भय पैदा करने के मामले में विशेष जज गैंगस्टर एक्ट तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश वरुण कुमार ने तीन अभियुक्तों को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतने के आदेश दिए हैं। साथ ही एक आरोपी को दोषमुक्त किया है।
अभियोजन पक्ष की अधिवक्ता संगीता रानी ने बताया कि वादी मुकदमा अव्वल सिंह रावत ने एक जनवरी 2008 को थाना कोतवाली मंगलौर में योगेश तोमर पुत्र ब्रह्मपाल निवासी मुर्दा पट्टी थाना चरथावल जिला मुजफ्फरनगर हाल निवासी सैनिक कॉलोनी नई मंडी के पास किला चौकी थाना सिटी पानीपत हरियाणा, नूर हसन उर्फ नुन्हा पुत्र कमरुद्दीन निवासी निरपडा मुजफ्फरनगर हाल निवासी अशोक विहार पहलवान चौक थाना सिटी पानीपत, प्रमोद उर्फ मिस्त्री पुत्र दयाराम निवासी इकबालपुर रोड सत्संग भवन के पास झबरेड़ा हरिद्वार, सुनील पुत्र राजपाल निवासी खड़खड़ी थाना झबरेड़ा हरिद्वार आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि उक्त आरोपी स्थानीय स्तर पर संगठित गिरोह बनाकर, लूट, अवैध धन इकट्ठा करने की वारदात को अंजाम देते हैं।
आरोपियों के आतंक से जनता के लोग इनके खिलाफ गवाही देने से भी डरते हैं। योगेश तोमर, नूर हसन और प्रमोद के खिलाफ कई आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। विशेष न्यायाधीश वरुण कुमार ने योगेश तोमर, नूरहसन, प्रमोद को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई साथ ही एक अन्य आरोपी सुनील को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।