हरिद्वार। हाईलैंड पार्क ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर दायर वाद को जिला अदालत ने खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि विवादित खसरा संख्या 45 और 47 ट्रस्ट की संपत्ति नहीं है और इन्हें ट्रस्ट भूमि साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। अदालत ने यह भी माना कि याचिकाकर्ता ट्रस्ट में अपना हित साबित नहीं कर सके।
प्रेस को जानकारी देते हुए हरेराम आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी कपिल मुनि महाराज ने बताया कि उनकी संस्था हरे राम आश्रम व बिल्डर सुनील कुमार अग्रवाल गुड्डू के खिलाफ अनिल बिष्ट की ओर से दायर किए गए वाद को अदालत ने खारिज कर दिया है और हाईलैंड पार्क के ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट को क्लीन चिट दे दी है।
कोर्ट का आदेश दिखाते हुए स्वामी कपिल मुनि महाराज ने बताया कि अनिल बिष्ट के खिलाफ सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि हाईलैंड पार्क के ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर उन्हें और बिल्डर सुनील अग्रवाल गुड्डू को परेशान करने के लिए अदालत में वाद दायर किया गया था। 6 मई 2026 को वाद को निरस्त करते हुए अदालत ने टिप्पणी की है।
वहीं, बिल्डर सुनील अग्रवाल गुड्डू ने कहा कि हाईलैंड पार्क के ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर उन्हें और स्वामी कपिल मुनि को काफी परेशान किया जा रहा था। इसी उद्देश्य को लेकर अनिल बिष्ट ने कोर्ट में फर्जी वाद दायर किया था, जिसे अदालत ने रद्द करते हुए प्रोजेक्ट को क्लीनचिट देते हुए कहा है कि भूमि ट्रस्ट की नहीं है। बल्कि स्वामी कपिल मुनि की संक्रमणीय भूमिधरी संपत्ति है।