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Haridwar News: चेक बाउंस मामले में आरोपी को अदालत ने किया बरी

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रोशनाबाद। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं द्वितीय अपर सिविल जज (एसडी) विभा यादव की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने माना कि परिवादी आरोपी पर लगाए गए आरोपों को प्रमाणित करने में असफल रहा।
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रानीपुर झाल निवासी बिजेंद्र कुमार पेशे से सब्जी विक्रेता है। उन्होंने ब्रह्मपुरी रावली महदूद निवासी मनोज के खिलाफ वाद दायर किया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसने फरवरी 2018 में मनोज को दो लाख रुपये उधार दिए थे। कर्ज लौटाने के लिए आरोपी ने नवंबर 2018 में दो लाख रुपये का चेक दिया, जो बैंक में लगाने पर ‘भुगतानकर्ता की ओर से भुगतान रुकवाया गया’ टिप्पणी के साथ अनादृत हो गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने शिकायतकर्ता के बयानों में कई विरोधाभास पाए। परिवादी ने बताया कि उसकी मासिक आय सब्जी बेचकर करीब 30 से 40 हजार रुपये थी, लेकिन वह दो लाख रुपये उधार देने संबंधी कोई दस्तावेज या बैंक स्टेटमेंट पेश नहीं कर सका।
जिरह के दौरान उसने पहले कहा कि चेक आरोपी ने स्वयं भरकर दिया था, जबकि बाद में कहा कि चेक में तारीख उसने खुद भरी थी। अदालत ने यह भी पाया कि चेक में अलग-अलग स्याही का इस्तेमाल किया गया था। परिवादी ने यह भी स्वीकार किया कि दोनों पक्षों के बीच विवाद होने के बाद उसने चेक में तारीख भरकर बैंक में प्रस्तुत किया था। अदालत ने इसे मामले को संदेहास्पद बनाने वाला तथ्य माना।
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वहीं, आरोपी पक्ष ने दलील दी कि उसने केवल 50 हजार रुपये उधार लिए थे और सुरक्षा के तौर पर खाली चेक दिए थे। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों का परीक्षण करने के बाद पाया कि परिवादी आरोप साबित नहीं कर सका। इसके चलते आरोपी मनोज को धारा 138 एनआई एक्ट के आरोपों से बरी कर दिया गया।
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