हरिद्वार। मेयर मनोज गर्ग और एमएनए विप्रा त्रिवेदी की कार्यशैली के विरुद्घ नगर निगम के 18 पार्षदों ने गंगाजल उठाकर एकजुुट रहने का संकल्प लिया है। ललतारौ स्थिति एक होटल में नाराज पार्षदों ने बैठक की। एक पार्षद जितेंद्र सहगल शहर से बाहर होने के कारण बैठक में भाग नहीं लिया। उन्होंने फोन कर निर्णय पर अपनी सहमति व्यक्त की है।
लखनलाल चौहान ने बताया कि पार्षदों ने निर्णय लिया है कि अधिकारियों द्वारा बोर्ड की स्वीकृति की प्रत्याशा में किए गए कार्यों और टेंडरों का वे अनुमोदन नहीं करेंगे। इसके साथ कोई अन्य विषय से पहले वे बोर्ड गठन से अब तक पारित लगभग 300 विकास कार्यों के प्रस्तावों पर चर्चा कराई जाएगी चाहे इसमें दो दिन ही क्यों न लग जाएं। उन्होंने कहा कि बोर्ड का बहुमत एकजुट है और कोई भी निर्णय बहुमत से ही लिया जाएगा। पार्षदों की राय थी कि मेयर व एमएनए दिखाने के लिए अलग-अलग हैं। जबकि दोनों में अच्छा तालमेल है और दोनों ही एक-दूसरे द्वारा लिए गए निर्णयों का अनुमोदन करने में देरी नहीं करते हैं। निर्णय लिया कि जनहित और नगर निगम हित को सर्वोपरि रखकर एकजुट होकर काम किया जाएगा। बैठक में अनिल मिश्रा, रवि धींगड़ा, सतेंद्र वर्मा, विजय शर्मा, राहुल शर्मा, कन्हैया खेवड़िया, मदन गोपाल, शशिकांत वशिष्ठ, राजेश शर्मा, वंदना गुप्ता, सपना शर्मा तथा निशा पुंडीर, समा प्रवीन, व कलावती नेगी के प्रतिनिधियों ने समस्याओं पर विचार व्यक्त किए।