मेयर मनोज गर्ग की अधिकारियों पर चली तो करोड़ों रुपये मूल्य की कई संपत्तियों को कब्जे में लेकर नगर निगम मालामाल होगा। ज्वालापुर क्षेत्र में भैरों मंदिर धीरवाली स्थित नगर निगम के करीब 15 बीघा के जोहड़ को सूखाकर कुछ लोगों ने अवैध दुकानों व मकानों का निर्माण करा लिया है। कई बीघा भूमि अभी मौके पर खाली है, जिसको कब्जे लेने के लिए मेयर से अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही एचआरडीए सचिव को नगर निगम की भूमि पर बनी अवैध दुकानों व मकानों को ध्वस्त कराने के लिए कहा गया है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक भी इस मामले में मेयर के साथ खड़े हैं।
शुक्रवार को नगर निगम बोर्ड की कार्यकारिणी की बैठक में मेयर मनोज गर्ग ने अधिकारियों को पूरी हेकड़ी दिखाई। रानीगली भूपतवाला में अरबों रुपये की राम जानकी ट्रस्ट की 46 बीघा भूमि तथा उस पर निर्मित भवन को कब्जे में लेने की नगर निगम कार्रवाई करेगा। उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेश पर जिलाधिकारी ने इस संपत्ति को तहसील के राजस्व अभिलेखों में इस संपत्ति को नगर निगम के नाम दर्ज करा दिया है। उच्च न्यायालय अरबों की संपत्ति एक संस्था का वारिस होने का दावा भी खारिज कर दिया था। तत्कालीन अधिकारियों ने अवैध रूप से कब्जा जताने वाली संस्था से सांठगांठ कर नाम मात्र के लिए संपत्तियों को कब्जे में लेने का नोटिस चस्पा किया था, जिसको उनके सामने ही कुछ लोगों ने फाड़ दिया था। इसके बाद कोई अधिकारी संपत्ति को झांकने नहीं गया। पार्षद अनिल मिश्रा ने प्रस्ताव किया है कि इस संपत्ति को नगर निगम कब्जे में लेकर उसमें जो बिल्डिंग बनी है उसमें डिग्री कालेज खोल दिया जाए। हाईवे से लगी रानीपुुुर झाल की लगभग 24 बीघा भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों से बचाने तथा आय बढ़ाने के लिए विवाह समारोह के लिए दिया जाएगा। आरोप है कि गार्डन वाले ने कई बीघा भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है और नगर निगम के अधिकारी तमाशबीन बने हुए हैं। पार्षद सतेंद्र वर्मा एक साल से इस भूमि पर अवैध कब्जे का मुद्दा उठाते चल आ रहे हैं।
गोशाला और कॉजी हाउस बनेगा
मेयर मनोज गर्ग ने बताया कि भैरों मंदिर धीरवाली की जोहड़ की भूमि को खाली कराकर उसमें एक गोशाला और एक कॉजी हाउस का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस भूमि पर अवैध रूप से खेवड़िया ने कब्जा किया है। राजस्व अभिलेखों में वह जोहड़ दर्ज है इसलिए अवैध निर्माणों को ध्वस्त कराने के लिए एचआरडीए सचिव को कहा गया है और खाली बची भूमि को कब्जे में लेने में नगर निगम अधिकारियों ने हीलहुजत की तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।