हरिद्वार। आखिरकार महज आठ दिन पहले नगर निगम के अधिकारियों को चीनी मांझे बेचने वाले दुकानदारोें पर कार्रवाई आखिर याद आ ही गई। नगर आयुक्त नंदन कुमार ने सभी मुख्य सफाई निरीक्षकों और सुपरवाइजरों के साथ एक समीक्षा बैठक कर चीनी मांझे के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था और होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत शहर को स्वच्छ रखने के निर्देश दिए। चीनी मांझा केवल दुर्घटनाओं और जनहानि का कारण ही नहीं है, बल्कि, यह शहरी गंदगी का भी एक गंभीर स्रोत बन चुका है। चीनी मांझा प्लास्टिक और नायलॉन से बना होता है, जो लंबे समय तक नष्ट नहीं होता। उपयोग के बाद यह बिजली के खंभों, पेड़ों, नालियों, छतों और सड़कों पर लटककर शहर की सुंदरता और स्वच्छता को प्रभावित करता है। नालियों में फंसा मांझा जल निकासी बंद करता है। इससे गंदगी, दुर्गंध और जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है। लगातार पशु-पक्षी इसमें उलझकर घायल होते हैं। मृत मांझा ठोस अपशिष्ट के रूप में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। चीनी मांझे को बेचने वाले दुकानदारों पर सख्त कारवाई करने के नगर आयुक्त निर्देश दिए। इस मौके पर एसएनए ऋषभ उनियाल, मनोज कुमार, धीरेंद्र सेमवाल, अर्जुन सिंह, संजय शर्मा, श्रीकांत, विकास चाचर, विकास चौधरी आदि मौजूद रहे।