हरिद्वार। कोरोना संक्रमण की आशंका को देखते हुए सरकार ने बेशक राज्य में एक स्थान पर 50 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन बेबस है। हरिद्वार में मंगलवार की शाम हुई गंगा आरती में भी करीब पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शिरकत की। ज्यादातर श्रद्धालु बगैर मास्क और सेनेटाइजर के पहुंचे थे। गंगा सभा की ओर से जरूर उस स्थान को सेनिटाइज किया गया, लेकिन वह नाकाफी था।
हरिद्वार स्थित हरकी पैड़ी पर गंगा आरती दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इसके लिए दूर-दूर से श्रद्धालु जुटते हैं। मंगलवार को भी ऐसा ही नजारा दिखा। इससे पहले मुख्य सचिव की अध्यक्षता में स्टेट टास्क फोर्स की बैठक में 50 से अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने के निर्देशों का पालन होते नहीं दिखा।
दिल्ली से आए राजीव कुमार, मेरठ से आए रामप्रसाद और मुजफ्फरनगर के जितेंद्र कुमार का कहना था कि वह अक्सर गंगा आरती में शामिल होने आते हैं। उन्होंने माना कि उन्हें कोरोना के संक्रमण को देखते हुए सतर्क रहने की आवश्यकता है।
‘हर दिन दो बार सेनेटाइज करेंगे हरकी पैड़ी’
हरिद्वार। देश में अनेक धार्मिक स्थलों को कोरोना के संक्रमण की आशंका को देखते हुए बंद कर दिया गया है। ऐस इसलिए ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ न जुटे और संक्रमण न फैले। हर की पैड़ी का प्रबंध करने वाली धार्मिक संस्था गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने बताया कि हर की पैड़ी पर आरती बहुत लंबे समय से चली जा रही है। इसे बंद नहीं किया जा सकता। सुबह-शाम हर की पैड़ी क्षेत्र को सेनेटाइज किया जा रहा है। लाउड स्पीकर के जरिये श्रद्धालुओं से लगातार सेनेटाइजर का इस्तेमाल करने को कहा जा रहा है। इसके अलावा यात्रियों के हाथ धोने के लिए भी साबुन रखे गए हैं। उन्होंने माना कि शाम की आरती के समय चार बजे से सात बजे तक श्रद्धालुओं का जमावड़ा होता है। लेकिन गंगा सभा के करीब दो दर्जन कर्मचारी चारों ओर सेनेटाइजर स्प्रे करते हैं। ये श्रद्धालुओं के हाथों पर सेनेटाइजर का छिड़काव करते हैं। कर्मचारियों को भी मास्क दिए गए हैं।