रोशनाबाद। प्रथम अपर सिविल जज (जू.डि.) एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट तनुजा कश्यप की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी विजय कुमार को दोषी करार दिया है। एक वर्ष के साधारण कारावास और 14.60 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने अर्थदंड की राशि में से 14.50 लाख रुपये परिवादिनी को प्रतिकर के रूप में देने के आदेश दिए हैं। शेष 10 हजार रुपये राजकोष में जमा होंगे।
ओम साई राम एंटरप्राइजेज की प्रोपराइटर अनीता चौधरी निवासी खन्नानगर ज्वालापुर ने आरोपी विजय कुमार निवासी जानसठ रोड, मुजफ्फरनगर यूपी के खिलाफ पराक्रम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत न्यायालय में परिवाद दायर किया था। विजय कुमार ने ईंट बनाने की मशीन और एक अशोक लीलैंड साइलेंट डीजी सेट कुल 42 लाख और जीएसटी की अतिरिक्त राशि पर खरीदने का सौदा किया था। उसने 25 लाख रुपये अग्रिम और बाद में तीन लाख रुपये का भुगतान कर मशीन का कब्जा प्राप्त कर लिया था। शेष 14 लाख के भुगतान के लिए उसने बैंक ऑफ बड़ौदा की मुजफ्फरनगर शाखा का 30 नवंबर 2022 की तिथि का चेक दिया था।
चेक भुगतान के लिए केनरा बैंक की देवपुरा शाखा, हरिद्वार में प्रस्तुत किया, लेकिन 24 फरवरी 2023 को पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण चेक अनादरित होकर वापस आ गया। इसके बाद अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा गया। निर्धारित समयावधि बीतने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों और दस्तावेज का अवलोकन किया। इसके बाद आरोपी विजय कुमार को दोष सिद्ध करार देते हुए सजा सुनाई।