राशन वितरण में देर करने पर उपभोक्ताओं ने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर जमकर हंगामा काटा। अधिकारियों से शिकायत कर राशन डीलर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। पहले भी डीलर का लाइसेंस अनियमितताओं के चलते सस्पेंड हो चुका है।
इन दिनों उपभोक्ताओं को सामान्य रूप से चलने वाली योजनाओं के साथ ही अंत्योदय और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के कार्ड धारकों को मुफ्त राशन भी अतिरिक्त रूप से दिया जा रहा है। कोरोना काल में आए आर्थिक संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट पांच किलोग्राम राशन मार्च तक दिया जाना था। अब केंद्र सरकार ने इसे छह महीने और बढ़ाते हुए सितंबर तक कर दिया है लेकिन राशन डीलर की ओर से फ्री राशन के साथ ही कोई भी योजना का खाद्यान्न अब तक उपभोक्ताओं ने नहीं दिया था।
बुधवार को जब राशन डीलर ने उपभोक्ताओं को खाद्यान्न देने के लिए दुकान खोली तो वह भी पहुंच गए लेकिन डीलर ने दुकान पर मुफ्त राशन नहीं देने का नोटिस बोर्ड पर चस्पा कर दिया। इससे उपभोक्ताओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि एक तो मार्च खत्म होने को है और राशन अब तक नहीं दिया गया है। दूसरे उपभोक्ताओं को अब भी मुफ्त का राशन नहीं दिया जा रहा है। उपभोक्ताओं ने मामले की शिकायत खाद्य अधिकारियों से की। उधर, शहर के प्रभारी पूर्ति निरीक्षक सतीश कुमार ने बताया कि डीलर बीमार चलने के कारण अस्पताल में भर्ती था। वह राशन समय से नहीं बांट सका। उसकी पहले भी ऐसी शिकायत आती रहती है। उसे राशन वितरण में सुधार करने के लिए चेतावनी दी गई है। सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी। मुफ्त राशन डीलर को अभी नहीं मिला है। आवंटन होते ही वह भी बंटवाया जाएगा।