दोनों नेताओं के अलग-अलग गुटों से जुड़ा है विवाद
कांग्रेस के भीतर दोनों नेताओं के अलग-अलग गुटों से जुड़े होने की चर्चा है। गुरजीत लहरी को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत का करीबी बताया जाता है, जबकि जितेंद्र पंवार को मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन का करीबी माना जाता है। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं।
क्या कहते हैं नेता
वरिष्ठ नेताओं के अलावा मुझे आपत्तिजनक शब्द कहे। जितेंद्र पंवार और उनके समर्थकों ने अभद्रता की और हाथापाई की है। पूरे मामले की जानकारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी जाएगी और उनके सामने प्रकरण रखा जाएगा। - गुरजीत लहरी, सचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी
हमारे नेता को पहले गाली दी गई। मैं कुर्सी पर बैठा हुआ था। तब गुरजीत लहरी ने उन्हें धक्का दिया। इसके बाद समर्थक बीच में आए। पार्टी के सामने भी इस बात को रखा जाएगा।
- जितेंद्र पंवार, कांग्रेसी नेता