कोरोना संक्रमण काल में छह दिन बाद सरकारी दफ्तरों के ताले खुल गए, लेकिन फरियादियों ने दूरी बनाना ही उचित समझा। बहुत जरूरी कार्य के लिए ही लोग सरकारी कार्यालयों में पहुंचे। हर समय फरियादियों से भरा रहने वाला विकास भवन भी खाली दिखाई दिया। अन्य कार्यालयों में भी यही स्थिति दिनभर बनी रही। वहीं, कोरोना संक्रमण को लेकर अधिकारी और कर्मचारी तो गाइडलाइन का पालन करते दिखे, लेकिन कुछ दफ्तरों में बाहर से आने वाले फरियादियों को लेकर लापरवाही जारी रही। जबकि, पिछले दिनों मुख्य सचिव ने कार्यालयों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए थे।
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कलक्ट्रेट, समय 12:46 बजे
कलक्ट्रेट सभागार और अन्य कार्यालयों के प्रवेश द्वारों पर फरियादियों के आनेजाने के लिए कोई रोकटोक नहीं दिखी। इससे फरियादी बिना थर्मल स्क्रीनिंग के ही जाते दिखाई दिए, लेकिन कार्यालयों के अंदर बैठे अधिकारी-कर्मचारी मास्क और शारीरिक दूरी बनाकर कार्य करते मिले। फरियादियों से दूरी बनाने के लिए कई जगह-जगह अवरोधक भी लगाए गए गए थे।
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तहसील कार्यालय, समय 11:46 बजे
तहसील सभागार के मुख्य प्रवेश द्वार पर लोगों को रोकने-टोकने के लिए कोई मौजूद नहीं था। हद तो तब हो गई, जब तहसील के विभिन्न कार्यालयों में जाने वाले गेट पर भी कोई कर्मचारी नहीं मिला। लोग बिना थर्मल स्क्रीनिंग और हाथ सैनिटाइज किए जाते रहे, जबकि पिछले साल कोरोना काल में इस गेट से जाने वाले सभी लोगों का आरटीपीसीआर टेस्ट कराया जा रहा था।
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उद्यान कार्यालय, समय 1:17 बजे
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से बचने के लिए विकास भवन स्थित उद्यान कार्यालय के कर्मचारी काफी एहतियात के साथ काम करते दिखे। वे मास्क के साथ ही फेस शील्ड भी लगाए हुए थ, ताकि कोरोना संक्रमण से बचा जा सके। मुख्य उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए कर्मचारियों को काफी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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विकास भवन का गेट, समय : 01:08
विकास भवन में प्रवेश करने के लिए मुख्य द्वार समेत तीन गेट हैं। परिसर में घुसने वाले गेट के बाद कार्यालयों में जाने वाले गेटों पर थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद ही फरियादियों को अंदर प्रवेश दिया जा रहा था। उनका नाम बाकायदा रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा था। बिना मास्क के किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा था।
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फरियादियों के वाहनों की नो एंट्री
विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों में आने वाले फरियादियों के वाहनों की नो एंट्री कर दी गई है। मुख्य द्वार पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो फरियादियों को परिसर के अंदर वाहन लेकर नहीं आने दे रहे हैं। ये वाहन सामने वाले मैदान या फिर सड़क किनारे ही खड़े किए जा रहे हैं।