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भाजपा-कांग्रेस की राजनीति में शहर का बेड़ा गर्क

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शहर की सफाई व्यवस्था चौपट है। मानसून की बारिश नालों से लेकर सड़कों की सफाई व्यवस्था की पोल खोल रही है। जनप्रतिनिधि पानी निकासी और कूड़ा उठाने का समाधान खोजने के बजायए आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहे हैं। मेयर और विधायक ही नहीं बल्कि कांग्रेस और भाजपा के पार्षद भी एक-दूसरे के सिर अव्यवस्थाओं का ठीकरा फोड़ रहे हैं। खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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शहर की साफ-सफाई की जवाबदेही नगर निगम की है। निगम क्षेत्र में 105 बरसाती नाले हैं। नाले बंद होने से हल्की बारिश होते ही पानी सड़कों पर भर जाता है। 60 वार्डों में 29 वार्डों से डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था आज तक लागू नहीं हो सकी है। कूड़ा सड़कों पर जहां तहां फेंका जाता है। लावारिस जानवर कूड़े को फैलाते हैं। बारिश के बाद नालों की गंदगी भी सड़कों पर फैली है। जनता इससे परेशान है। गंदगी से संक्रामक बीमारियों का खतरा बना है। मेयर से लेकर पार्षद भाजपा-कांग्रेस की आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में उलझे हैं। मेयर अनीता शर्मा कांग्रेस से हैं। उनका आरोप है कि स्थानीय भाजपा विधायक मदन कौशिक उनको काम नहीं करने देते हैं। नगर निगम प्रशासन में उनका दखल है। जनसमस्याओं से जुड़े प्रस्ताव बनाकर वो एमएनए को देती हैं। प्रस्ताव पर अमल नहीं होता है। मेयर आरोप लगाती हैं, विधायक के दखल और एमएनए की मनमर्जी से शहर की सफाई व्यवस्था बाधित हो रही है।
विधायक मदन कौशिक कहते हैं, नालों की सफाई और कूड़ा उठवाना मेयर की जिम्मेदारी है। मेयर अपनी नाकामी का ठीकरा कभी उनके तो कभी निगम अफसरों के सिर फोड़ने की राजनीति कर रही हैं। वहीं, एमएनए जय भारत सिंह मेयर और विधायक के आरोपों पर कुछ भी कहने से इंकार कर देते हैं। अव्यवस्थाओं के लिए कांग्रेस और भाजपा समर्थित पार्षद भी एक-दूसरे के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर ठीकरा फोड़ रहे हैं। बेचारी जनता राजनीति के बीच पीस रही है।
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- नगर निगम क्षेत्र में 105 प्रमुख नाले हैं। बारिश से पूर्व सभी नालों की एक बार सफाई हो चुकी है। बारिश से जहां कहीं नाले बंद होने की शिकायत मिल रही है टीम पहुंचकर सफाई करवा रही है। आधे शहर के वार्डों के कूड़ा उठाने के लिए री-टेंडर होने हैं। इसकी फाइल मेयर के पास है।
- जय भारत सिंह, एमएनए
- जनसमस्याओं के प्रति एमएनए की कार्यशैली सकारात्मक नहीं है। कभी फील्ड में नहीं जाते हैं। जनप्रतिनिधि होने के नाते जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रस्ताव बनाकर उनको देते हैं। फाइल उनके पास लटकी रहती है। कूड़ा उठाने के री टेंडर का प्रस्ताव बोर्ड में लाया जाएगा।
- अनीता शर्मा, मेयर
- शहर में ड्रेनेज सिस्टम के लिए हर जगह नालों का निर्माण कराया गया। जरूरत पड़ने पर और भी कराए जाएंगे। कूड़ा उठाने से लेकर नालों की सफाई करवाने की जवाबदेही नगर निगम की है। मेयर अपनी नाकामी छिपाने के लिए आरोप मेरे सिर मढ़ देती हैं।
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- मदन कौशिक, विधायक हरिद्वार
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